Thursday, October 1, 2026
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Raigarh Opium Strike : सब्जियों के बीच लहलहा रही थी अफीम की खेती, रायगढ़ एसएसपी की हाई-टेक टीम ने किया अफीम माफिया का अंत

Raigarh Opium Strike : रायगढ़ (गौरी शंकर गुप्ता)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और आधुनिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ हुई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने लैलूंगा क्षेत्र के दुर्गम गांवों में ड्रोन कैमरों की मदद से अफीम की अवैध खेती और भारी स्टॉक का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में कुल 61 किलो से अधिक अफीम (पोस्त) जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।

ड्रोन और सैटेलाइट इनपुट से मिली कामयाबी

तमनार के आमाघाट में हुई पिछली कार्रवाई के बाद पुलिस अलर्ट पर थी। एसएसपी के निर्देश पर लैलूंगा के जंगलों और खेतों का ड्रोन सर्वे कराया गया। जब हाई-रेजोल्यूशन कैमरों ने धान और सब्जी की आड़ में अफीम के पौधों को डिटेक्ट किया, तो पुलिस की टीम ने ‘नवीन घटगांव’ और ‘मुड़ागांव’ में धावा बोल दिया।

तीन अलग-अलग FIR: सलाखों के पीछे पहुँचे अफीम के सौदागर

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं:

1. साधराम नागवंशी (60 वर्ष) – FIR No. 94/2026

  • लोकेशन: नवीन घटगांव (2 डिसमिल जमीन)।

  • जब्ती: 600 जीवित पौधे (43 किग्रा), 6 किग्रा सूखे पत्ते और 16 किग्रा डंठल।

  • कीमत: लगभग 1.13 करोड़ रुपये।

  • खुलासा: आरोपी ने अमीर बनने के लालच में पत्थलगांव बाजार से बीज खरीदकर इसकी बुवाई की थी।

2. अभिमन्यु नागवंशी (20 वर्ष) – FIR No. 95/2026

  • लोकेशन: नवीन घटगांव (पुश्तैनी भूमि)।

  • जब्ती: 14 किलोग्राम सूखी फसल (डंठल, पत्ता और फूल)।

  • कीमत: करीब 80 लाख रुपये।

  • कार्रवाई: पुलिस को देखकर आरोपी साक्ष्य मिटाने की कोशिश कर रहा था, जिसे घेराबंदी कर दबोचा गया।

3. तानसिंह नागवंशी (32 वर्ष) – FIR No. 96/2026

  • लोकेशन: ग्राम मुड़ागांव (खुर्सीडीपा)।

  • जब्ती: 4 किलोग्राम अफीम पोस्त।

  • मोडस ऑपरेंडी: फसल खराब होने के डर से इसने पौधों को काटकर बोरियों में भरकर खेत किनारे छिपा दिया था।

संयुक्त टीम का ‘मिशन क्लीन’

इस मिशन में पुलिस के साथ राजस्व, कृषि विभाग, आबकारी और ANTF (Anti-Narcotics Task Force) के अधिकारी शामिल थे। तहसीलदार और पटवारियों ने मौके पर जमीन का सीमांकन किया, जबकि FSL (फॉरेंसिक) यूनिट ने वैज्ञानिक परीक्षण कर अफीम की पुष्टि की।एसएसपी का सख्त संदेश और अगला कदम

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने चेतावनी दी है कि नशे के सौदागरों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब ‘बैकवर्ड लिंकेज’ की तलाश कर रही है— यानी वह मुख्य सरगना कौन है जो ग्रामीणों को बीज मुहैया करा रहा था? क्या छत्तीसगढ़ के इन शांत गांवों को किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा बनाया जा रहा है? इसकी गहन विवेचना जारी है।

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