रायपुर। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-विशाखापट्नम इकॉनामिक कॉरिडोर में मुआवजा घोटाले की जांच रिपोर्ट केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेज दी गई है। राज्य शासन के निर्देश पर स्थानीय स्तर पर भी जांच टीमों का गठन किया गया और प्राप्त शिकायतों व आवेदनों का परीक्षण जारी है।
रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कावरे ने बताया कि भू-अर्जन मुआवजा प्रकरणों की जांच के लिए चार टीमों का गठन किया गया था। अब तक तीन टीमों ने अपनी रिपोर्ट संभागायुक्त को सौंप दी है, जबकि एक टीम की रिपोर्ट आना बाकी है। नई प्राप्त दावा-आपत्तियों में अधिकांश किसानों ने कम मुआवजा मिलने का आरोप लगाया है। प्रभावित किसान संभागायुक्त के न्यायालय में अपनी अभ्यावेदन दे सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्नम सिक्सलेन भूमि अधिग्रहण में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ। एसडीएम, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज तैयार कर जमीन को कई टुकड़ों में बांटकर करोड़ों रुपए की मुआवजा राशि निकाल ली। इस घोटाले से शासन को भारी नुकसान हुआ है। जांच टीमों द्वारा रिपोर्ट की स्क्रूटनी की जा रही है और आगामी कार्रवाई पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।













