निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए बुधवार सुबह खरगोन जिले के कतरगांव स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र का अचानक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री बिना पूर्व सूचना के अपने काफिले के साथ महेश्वर से सीधे केंद्र पहुंचे, जिससे प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
किसानों के साथ बैठकर पी चाय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपार्जन केंद्र पर मौजूद किसानों के साथ अनौपचारिक बातचीत की और उनके साथ चाय भी पी। इस दौरान किसानों ने खरीदी प्रक्रिया, तौल व्यवस्था और सुविधाओं को लेकर अपनी बात रखी।
सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को खरीदी केंद्रों पर किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल और संबंधित अधिकारियों से खरीदी व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होनी चाहिए ताकि किसानों को लंबे इंतजार का सामना न करना पड़े।
सरकार द्वारा प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर इसे और बढ़ाने की भी तैयारी है।
किसानों के लिए बढ़ाई गई सुविधाएं
राज्य सरकार ने गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इनमें छाया, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं।अब किसान अपने जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर जाकर गेहूं बेच सकते हैं, जिससे उन्हें अधिक सुविधा मिल रही है।
गुणवत्ता मानकों में किया गया बदलाव
सरकार ने इस बार गेहूं खरीदी के गुणवत्ता मानकों में भी राहत दी है। चमक विहीन गेहूं की सीमा 50 प्रतिशत तक तय की गई है।
इसके अलावा:
- सूखे दानों की सीमा 6% से बढ़ाकर 10%
- क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6% तक निर्धारित
की गई है।
उपार्जन केंद्रों पर बारदाना, तौल कांटे, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन, गुणवत्ता जांच उपकरण और सफाई व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जा रही है।
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लाखों किसानों ने कराया स्लॉट बुक
प्रदेश में अब तक समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए करीब 9.83 लाख किसानों ने 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के लिए स्लॉट बुक कराया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- 5.08 लाख किसानों से अब तक
- 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है।
पिछले वर्ष राज्य में 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जबकि इस बार सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य तय किया है।
किसानों के हित में सरकार का बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार यह स्पष्ट कर रहे हैं कि किसानों को उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। अचानक निरीक्षण के जरिए उन्होंने यह संदेश भी दिया कि सरकार खरीदी व्यवस्था की निगरानी गंभीरता से कर रही है।











