CJP Jantar Mantar Protest:सीजेपी जंतर मंतर प्रदर्शन को लेकर चर्चाओं के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके भारत लौट आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी वापसी की जानकारी दी और कहा कि वह शिक्षा से जुड़े मुद्दों तथा विभिन्न परीक्षा विवादों को लेकर अपनी आवाज उठाने दिल्ली पहुंचे हैं।उनकी वापसी के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सीजेपी जंतर मंतर प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर बताया कि वह भारत लौट चुके हैं। उन्होंने लिखा कि वह अपना भविष्य संविधान के भरोसे छोड़ रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं।पोस्ट के अंत में उन्होंने “जयभीम” भी लिखा। इससे पहले जारी एक वीडियो में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी बात रखी थी।
Landed.
Looking forward to meet you all at Jantar Mantar. Do not forget to carry a book and our Tiranga!
Offer flowers to policemen as a gesture of compassion & gratitude.
We have to lead this movement with love and peace! https://t.co/HgDSf2gX0U
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 6, 2026
6 जून को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन
सीजेपी जंतर मंतर प्रदर्शन के तहत 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण विरोध कार्यक्रम प्रस्तावित है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि अभिजीत दीपके इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।हालांकि बाद में उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे सीधे एयरपोर्ट न आएं। इसके बजाय उन्होंने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचने और फिर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जंतर-मंतर पर विरोध दर्ज कराने की बात कही।
परीक्षा विवादों को लेकर उठाई जवाबदेही की मांग
सीजेपी जंतर मंतर प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं से जुड़े विवाद बताए जा रहे हैं। अभिजीत दीपके का कहना है कि कई परीक्षा प्रक्रियाओं को लेकर छात्रों में असंतोष है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि लाखों छात्रों और नागरिकों ने विभिन्न माध्यमों से इस विषय पर अपनी चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
गिरफ्तारी की आशंका का भी किया जिक्र
सीजेपी जंतर मंतर प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने यह भी कहा कि उनके कुछ परिचितों और परिवार के सदस्यों को आशंका है कि उन्हें एयरपोर्ट पर रोका या गिरफ्तार किया जा सकता है।हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय संविधान और कानूनी व्यवस्था पर विश्वास है।
शिक्षा सुधार को बताया मुख्य एजेंडा
सीजेपी जंतर मंतर प्रदर्शन के साथ पार्टी ने अपने एजेंडे को भी सामने रखा है। पार्टी का कहना है कि उसका प्रमुख उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।इसी उद्देश्य से पार्टी ने मीडिया संवाद और सार्वजनिक अभियानों के लिए अपने प्रवक्ताओं की भी नियुक्ति की है।
The plea has been filed by an organisation named Save India Foundation. The founder of the organisation is himself threatening. 🤔 https://t.co/GpC8h3F9jC pic.twitter.com/8Y380fPQ2H
— Mohammed Zubair (@zoo_bear) June 5, 2026
सोशल मीडिया पर बढ़ी बहस
सीजेपी जंतर मंतर प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ ने इसकी आलोचना भी की है।विभिन्न वीडियो और पोस्ट के जरिए समर्थकों तथा विरोधियों दोनों की राय सामने आ रही है। इससे यह मुद्दा सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
प्रदर्शन पर सभी की नजर
सीजेपी जंतर मंतर प्रदर्शन को लेकर अब सभी की नजर 6 जून की गतिविधियों पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदर्शन किस तरह आयोजित होता है और इससे जुड़े मुद्दों पर आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।फिलहाल अभिजीत दीपके की भारत वापसी और प्रस्तावित प्रदर्शन ने इस विषय को फिर से चर्चा में ला दिया है।









