Cholamandalam Finance Fraud Case : बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक निजी फाइनेंस कंपनी द्वारा ग्राहक के साथ विश्वासघात और धोखाधड़ी का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस एंड फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने गौरेला निवासी अयूब खान को जीवन बीमा का भरोसा देकर लाखों का कर्ज दिलाया, लेकिन हकीकत में उनका स्वास्थ्य बीमा कर दिया। शुक्रवार को पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी (420) का मामला दर्ज किया है।
धोखे से काटा प्रीमियम: शिकायत के अनुसार, अयूब खान को 30 लाख रुपये के कर्ज की आवश्यकता थी। कंपनी के सेल्स मैनेजर देवानंद पांडेय, क्रेडिट मैनेजर शेखर कुमार और एजेंट हबीब खान ने उन्हें आश्वस्त किया था कि कर्ज के साथ जीवन बीमा (Life Insurance) कराया जा रहा है, ताकि मृत्यु की स्थिति में परिवार पर कर्ज का बोझ न रहे। लेकिन, 30 लाख की स्वीकृति के बावजूद खाते में केवल 28 लाख 67 हजार रुपये ही आए। जब अयूब खान का निधन हुआ, तब परिवार को पता चला कि उनके नाम पर जीवन बीमा के बजाय स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) किया गया था, जिसका लाभ मृत्यु की स्थिति में कर्ज माफी के लिए नहीं मिल सकता।
मानसिक प्रताड़ना और नीलामी का दबाव: मृतक अयूब खान की पत्नी शबनम खान ने आरोप लगाया है कि बीमा क्लेम खारिज होने के बावजूद कंपनी के कर्मचारी उन पर और उनके बच्चों पर निरंतर कर्ज चुकाने का दबाव बना रहे हैं। इतना ही नहीं, कंपनी ने उनके घर की नीलामी तक की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोप है कि लोन स्वीकृत होने के बाद कंपनी ने जानबूझकर कोई दस्तावेज नहीं भेजे ताकि उनकी धोखाधड़ी छिपी रहे।
पुलिस ने दर्ज किया केस: बैंक संदेशों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि पीएफ और बीमा प्रीमियम के नाम पर मोटी रकम काटी गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सेल्स मैनेजर, क्रेडिट मैनेजर और एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जिले में यह अपनी तरह का पहला मामला है जहाँ बीमा के तकनीकी हेरफेर के जरिए किसी परिवार को इस तरह प्रताड़ित करने पर सीधे एफआईआर दर्ज की गई है।









