रायपुर : छत्तीसगढ़ में इस सप्ताह ठंड का प्रकोप अचानक तेज हो गया है। बीते 24 घंटों के दौरान पूरा प्रदेश शुष्क रहा, लेकिन तापमान में गिरावट ने आम जनजीवन पर गहरा असर डाला है। कई जिलों में रात का पारा दो डिग्री तक नीचे लुढ़क गया। सरगुजा और बलरामपुर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तो बर्फ जमने की खबरों ने ठंड के तेवर और भी तीखे कर दिए हैं।
सरगुजा-बालरामपुर में जमी बर्फ, कंपकंपी बढ़ी
पहाड़ी इलाकों से आ रही उत्तरी हवाओं ने प्रदेश भर में ठिठुरन बढ़ा दी है। सरगुजा और बलरामपुर जिले में शुक्रवार देर रात तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके बाद कई स्थानों पर बर्फ जमने लगी।कड़ाके की ठंड से बचने के लिए स्थानीय लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। तेज ठंड से बाजारों और सड़कों पर भी भीड़ noticeably कम देखी गई।
रायपुर-दुर्ग-रायगढ़ में भी गिरा पारा
राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान 12–13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि दुर्ग में यह 11–12 डिग्री के बीच रहा। रायगढ़ में भी लगातार तापमान गिरने से कड़ाके की ठंड का असर बढ़ रहा है।मौसम विभाग के अनुसार, पिछले तीन से चार दिनों में अधिकांश जिलों में पारा 3 से 4 डिग्री तक नीचे गिर चुका है।
अंबिकापुर सबसे ठंडा शहर
बीते 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान जगदलपुर में 27.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बना रहा।
Read More : Indigo Crisis : हजारों उड़ानें रद्द, इंडिगो संकट मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, आज हो सकती है स्पेशल सुनवाई!
अभी नहीं मिलेगी ठंड से राहत
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 2–3 दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव संभव नहीं है। यानी ठंड का असर फिलहाल ऐसे ही रहेगा। उसके बाद हल्की राहत मिल सकती है, लेकिन कड़ाके की ठंड अभी जारी रहेगी।
जरूरतमंदों के लिए अलाव की व्यवस्था
तेज ठंड को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। रायपुर नगर निगम, रायगढ़ नगर निगम सहित कई स्थानीय निकायों ने चौक-चौराहों, बस स्टैंडों और जरूरतमंद इलाकों में अलाव जलाने की व्यवस्था की है। साथ ही रात में निगरानी टीमों को भी सक्रिय किया गया है ताकि कोई व्यक्ति ठंड में असहाय न रहे।











