Indigo Crisis : हजारों उड़ानें रद्द, इंडिगो संकट मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, आज हो सकती है स्पेशल सुनवाई!

Rahul Goshwami
इंडिगो उड़ान संकट बना राष्ट्रीय मुद्दा

नई दिल्ली : इंडिगो एयरलाइन में जारी बड़े ऑपरेशनल संकट पर अब सुप्रीम कोर्ट सक्रिय हो गया है। लगातार उड़ानें रद्द होने से परेशान यात्रियों की ओर से तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी, जिसके बाद शुक्रवार रात CJI सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता के वकील को अपने आवास पर बुलाकर स्थिति की गंभीरता पर चर्चा की। उड़ान रद्द होने के मुद्दे पर जनहित याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें इसे मानवीय संकट बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट के दखल की तैयारी, आज बन सकती है विशेष बेंच
याचिकाकर्ता के वकील CJI के घर पहुंच रहे हैं ताकि आज ही एक विशेष बेंच गठित कर सुनवाई की जा सके। याचिका में कहा गया है कि इंडिगो के परिचालन बाधित होने से लाखों यात्रियों को भारी मानसिक, आर्थिक और शारीरिक कष्ट हो रहा है। इसे लोगों के अनुच्छेद 21 – जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन बताया गया है।

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DGCA ने दी बड़ी राहत, फिर भी चौथे दिन भी बाधित उड़ानें
विमानन नियामक DGCA ने इंडिगो को कई ऑपरेशनल छूटें देकर उसके उड़ान संचालन को सामान्य करने की कोशिश की है। इसके बावजूद एयरलाइन चौथे दिन भी संकट से उबर नहीं सकी।

इंडिगो ने सिर्फ शुक्रवार को 1000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं। इसके चलते:

  • यात्रियों को हवाई अड्डों पर लंबा इंतजार
  • अन्य एयरलाइंस ने किरायों में अचानक बढ़ोतरी
  • ट्रेनों में भारी भीड़
  • अंतिम समय में टिकट न मिलने से यात्रियों में गहरी नाराजगी
  • DGCA ने बनाई चार सदस्यीय जांच समिति

DGCA ने इंडिगो द्वारा भारी संख्या में उड़ानें रद्द किए जाने के कारणों की व्यापक समीक्षा के लिए एक चार सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें शामिल हैं:

  • संयुक्त महानिदेशक संजय के. ब्रम्हाने
  • उप महानिदेशक अमित गुप्ता
  • वरिष्ठ उड़ान संचालन निरीक्षक कैप्टन कपिल मांगलिक
  • उड़ान संचालन निरीक्षक कैप्टन रामपाल

समिति यह जांच करेगी कि संकट का असली कारण क्या है और उड़ान संचालन क्यों चरमरा गया।

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पायलटों के FDTL नियम भी संकट की वजह?
याचिका में दावा किया गया है कि नए FDTL (Flight Duty Time Limit) नियमों की गलत प्लानिंग और क्रू मैनेजमेंट की चूक के कारण बड़े स्तर पर उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
याचिका में प्रभावित यात्रियों को:

  • वैकल्पिक यात्रा
  • तत्काल मुआवजा
  • अस्थायी राहत व्यवस्था
  • प्रदान करने की मांग की गई है।

विशेष ट्रेनें और अतिरिक्त उड़ानें संकट में राहत का प्रयास
देशभर में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए:

  • स्पाइसजेट ने 100 अतिरिक्त उड़ानें शुरू कीं
  • रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की
  • 37 ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं
  • नागर विमानन मंत्रालय 24×7 कंट्रोल रूम से स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहा है
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