निशानेबाज न्यूज डेस्क: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के मध्य हिस्सों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश, तेज हवाओं और बादलों की सक्रियता के कारण तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
तापमान में गिरावट का असर
बीते 24 घंटों में मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव से दिन और रात के तापमान में अंतर महसूस किया जा रहा है। हालांकि यह राहत ज्यादा दिनों तक स्थिर नहीं रहने वाली है।
गरज-चमक और ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के लिए गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। खासतौर पर 4 अप्रैल को कई स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
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तेज हवाएं और वज्रपात का खतरा
अगले 5 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही वज्रपात (बिजली गिरने) की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अगले 5 दिन मौसम रहेगा अस्थिर
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलता रहेगा। अगले दो दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन उसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस अस्थिरता के कारण लोगों को गर्मी और ठंड दोनों का असर महसूस हो सकता है।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण किसानों के लिए जोखिम बढ़ गया है। इस समय कई फसलें खेतों में तैयार खड़ी हैं, ऐसे में खराब मौसम से उन्हें नुकसान होने की आशंका है। विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है।











