निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य से राज्यसभा की दो सीटें अप्रैल 2026 में खाली होने जा रही हैं, जिसके लिए 16 मार्च 2026 को चुनाव कराया जाएगा। निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने के बाद प्रदेश में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक दल संभावित उम्मीदवारों पर मंथन में जुट गए हैं।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबले की स्थिति
विधानसभा में मौजूदा विधायक संख्या को देखते हुए माना जा रहा है कि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस—दोनों को एक-एक सीट मिल सकती है। यही वजह है कि दोनों दल अपने-अपने उम्मीदवारों के चयन को लेकर सावधानी बरत रहे हैं। पार्टी नेतृत्व ऐसे नामों पर विचार कर रहा है जो राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के साथ संगठनात्मक संदेश भी दे सकें।
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उम्मीदवारों को लेकर बढ़ी चर्चा
राज्यसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही संभावित चेहरों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में वरिष्ठ नेताओं, संगठन पदाधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधित्व वाले नामों पर मंथन जारी है। साथ ही क्रॉस वोटिंग की संभावना और दलगत अनुशासन बनाए रखने को लेकर भी रणनीति तैयार की जा रही है।
राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा असर
छत्तीसगढ़ की ये दोनों सीटें संसद के उच्च सदन में संख्यात्मक संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए राज्य का यह चुनाव केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ सियासी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।













