रायपुर। Chhattisgarh Budget Preparation: आगामी राज्य बजट से पूर्व छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना और विकास कार्यों को धरातल पर तेजी से उतारने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां बेहद तेज हो गई हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में गुरुवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में ‘परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति’ की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान राज्य भर में प्रस्तावित विभिन्न बड़े निर्माण कार्यों और बुनियादी ढांचागत विकास परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई। इसके साथ ही आने वाले समय की महत्वाकांक्षी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए एक ठोस रूपरेखा भी तैयार की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव विकासशील ने उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लागत तुलनात्मक विश्लेषण में पूरी पारदर्शिता और स्पष्टता रखी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परियोजना की अनुमानित लागत का यथार्थवादी, सटीक और उचित आकलन समय रहते संभव होना चाहिए, ताकि वित्तीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव ने अधिकारियों को आगामी राज्य बजट में शामिल की जाने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की प्राथमिकता के आधार पर समय रहते पहचान करने और उनकी आवश्यक प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी स्वीकृतियों की पूर्व तैयारियां पहले से ही सुनिश्चित करने के निर्देश प्रेषित किए।

परियोजना समिति की इस बैठक में विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों ने पावरपॉइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति से मुख्य सचिव को अवगत कराया। बैठक के दौरान राज्य की कई प्रमुख सड़क और ओवरब्रिज परियोजनाओं पर विस्तार से रणनीतिक चर्चा हुई। इनमें मुख्य रूप से कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर-कांकेर-पंखाजूर मार्ग पर पुल-पुलियों के साथ व्यापक सड़क निर्माण कार्य, बिलासपुर क्षेत्र में बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण तथा बिलासपुर जिले में प्रस्तावित नए फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कार्य शामिल रहा।
इसके साथ ही राज्य के दुर्ग एवं अन्य संभागों के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मार्ग चालों के उन्नयन और चौड़ीकरण पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें नगरी-कांकेर-भानुप्रतापपुर-मानपुर-राजनांदगांव-कवर्धा-फास्टरपुर कुंडा मार्ग समूह तथा कुम्हारी, अहिवारा-धमधा-गंडई-साल्हेवारा मार्गों के जीर्णोद्धार और चौड़ीकरण कार्यों की समीक्षा की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन के कई वरिष्ठ विभागों के प्रमुख उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश कुमार टोप्पो, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव तथा ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।