बिलासपुर। Bilaspur GGU HOD Reshuffle: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित केंद्रीय शिक्षण संस्थान ‘गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी’ (GGU) से प्रशासनिक फेरबदल की एक बड़ी खबर सामने आई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा शिक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक सुगमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई प्रमुख विभागों के विभागाध्यक्षों (HOD) में बदलाव किया गया है। जारी आदेश के तहत इतिहास, प्राणी शास्त्र (जूलाजी) और अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) विभाग के मौजूदा एचओडी को हटाकर उनके स्थान पर अन्य वरिष्ठ प्राध्यापकों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, दूसरी ओर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के एचओडी के रूप में डॉ. धीरज शुक्ला का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद प्रशासनिक व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए उन्हें आगामी आदेश तक इस पद पर बनाए रखने का निर्णय लिया गया है।
यूनिवर्सिटी से प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, विभिन्न विभागों में विभागाध्यक्षों की नियुक्ति और चक्रानुक्रम (रोटेशन) संबंधी विश्वविद्यालय अध्यादेश के प्रावधानों के अंतर्गत यह बदलाव किए गए हैं। इतिहास विभाग में अब तक प्रो. सीमा पाण्डेय बतौर एचओडी अपनी सेवाएं दे रही थीं, जिन्हें चक्रानुक्रम के नियमों के तहत बदलते हुए अब इस विभाग की कमान प्रो. घनश्याम दुबे को सौंप दी गई है। इसी प्रकार, प्राणी शास्त्र (जूलाजी) विभाग में एचओडी के रूप में कार्यरत प्रो. सीमा राय को भी इस दायित्व से मुक्त कर दिया गया है और उनकी जगह पर प्रोफेसर एलव्हीकेएस भास्कर को प्राणी शास्त्र विभाग का नया विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा, अर्थशास्त्र विभाग में भी एचओडी का प्रभार बदला गया है। अब तक इकोनॉमिक्स विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकुमार नागवंशी इस पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जिनके स्थान पर अब प्रोफेसर दिलीप कुमार झा को अर्थशास्त्र विभाग का नया एचओडी नियुक्त किया गया है। यूनिवर्सिटी के नियमों के मुताबिक, प्रो. दिलीप झा का विभागाध्यक्ष के रूप में यह कार्यकाल तीन वर्ष की अवधि का होगा। गौरतलब है कि प्रो. दिलीप झा कुछ समय पूर्व ही निलंबन की कार्रवाई से बहाल होकर विश्वविद्यालय में लौटे हैं।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में जब प्रो. झा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के समन्वयक के रूप में कार्यरत थे, तब उनके समन्वय में यूनिवर्सिटी के एनएसएस विद्यार्थियों का एक दल बाहरी शिविर में गया था। उस शिविर के दौरान ईद के पावन अवसर पर हिन्दू विद्यार्थियों से भी कथित तौर पर नमाज पढ़वाए जाने की प्रक्रिया का मामला सामने आया था, जिसको लेकर काफी तूल पकड़ा था। शिविर से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने इस बात की गंभीर शिकायत विश्वविद्यालय प्रबंधन के साथ-साथ स्थानीय पुलिस थाने में भी दर्ज कराई थी। एनएसएस शिविर की इस घटना को लेकर शहर में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुआ था और विभिन्न छात्र संगठनों के साथ-साथ कई हिंदू संगठनों ने भी यूनिवर्सिटी का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया था। उस गंभीर विवाद के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एनएसएस के सभी संबंधित कार्यक्रम अधिकारियों और समन्वयक को उनके प्रभार से हटा दिया था तथा प्रो. झा को निलंबित कर दिया था। अब निलंबन बहाली के बाद उन्हें अर्थशास्त्र विभाग के एचओडी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।