CG News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी है। अब सड़कों, पुल-पुलियों और सरकारी भवनों के निर्माण की समीक्षा केवल कागजी रिपोर्टों के आधार पर नहीं होगी, बल्कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर काम की वास्तविक स्थिति भी देखेंगे। इसी कड़ी में लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने गरियाबंद जिले का दौरा कर विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत पर नजर
निरीक्षण के दौरान PWD सचिव ने निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों और भवनों की प्रगति का जायजा लिया। अधिकारियों से काम की वर्तमान स्थिति और निर्माण में आ रही बाधाओं की जानकारी ली गई। निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरे हों और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न किया जाए।विभाग की इस पहल का उद्देश्य निर्माण कार्यों में देरी की स्थिति पर नजर रखना और मौके पर सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करना है।
कोपरा-पोखरा मार्ग का भी किया निरीक्षण
गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखंड में सचिव ने 26.20 किलोमीटर लंबे कोपरा-पोखरा मार्ग के मजबूतीकरण, चौड़ीकरण और पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान निर्माण की प्रगति और व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी ली गई।अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिए गए कि काम में अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित मानकों के अनुसार निर्माण पूरा किया जाए।
औचक निरीक्षण से बढ़ेगी जवाबदेही
PWD की नई कार्यशैली में फील्ड निरीक्षण को अहम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी रिकॉर्ड में दिखाई जा रही प्रगति और मौके पर हो रहे काम के बीच अंतर न रहे। नियमित और औचक निरीक्षण के जरिए निर्माण की गुणवत्ता, समय-सीमा और कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
दौरे के दौरान विभागीय कार्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया गया। अधिकारियों को कार्यालय की साफ-सफाई और रखरखाव बेहतर रखने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर विभाग का जोर
निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए PWD के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अन्य विभागीय अधिकारी भी निरीक्षण में मौजूद रहे। विभाग का जोर सड़कों, पुलों और सरकारी भवनों के निर्माण को गति देने के साथ उनकी गुणवत्ता बनाए रखने पर है।अब महत्वपूर्ण यह होगा कि फील्ड निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का पालन कितनी तेजी से होता है और निर्माण कार्य तय समय पर पूरे हो पाते हैं या नहीं।


