Wednesday, August 19, 2026
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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: अनवर ढेबर और केके श्रीवास्तव की बढ़ीं मुश्किलें! ED के बाद अब EOW की एंट्री

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जांच अब और तेज होती नजर आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद अब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। जेल में बंद कारोबारी अनवर ढेबर और केके श्रीवास्तव की कानूनी परेशानियां एक बार फिर बढ़ सकती हैं। जानकारी के मुताबिक, EOW ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट की अर्जी दाखिल की है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े कई नए चेहरे और कड़ियां सामने आ सकती हैं।

कैसे रची गई शराब घोटाले की साजिश

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2023 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अंजाम दिया गया। आरोप है कि शराब नीति में जानबूझकर ऐसे बदलाव किए गए, जिससे चुनिंदा और करीबी सप्लायरों को ही फायदा पहुंचे। लाइसेंस की शर्तें इस तरह बनाई गईं कि प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाए और एक तय नेटवर्क के जरिए ही शराब की सप्लाई हो।

नकली होलोग्राम और टैक्स चोरी का खेल

जांच में सामने आया है कि नोएडा की एक निजी कंपनी के जरिए नकली होलोग्राम और सील तैयार कराई गईं। इन्हीं फर्जी होलोग्राम लगी महंगी शराब की बोतलों को सरकारी दुकानों के माध्यम से बेचा गया। चूंकि होलोग्राम नकली थे, इसलिए बिक्री का पूरा रिकॉर्ड शासन के सिस्टम में दर्ज नहीं हो पाता था। नतीजतन, एक्साइज टैक्स का भुगतान किए बिना शराब बेची जाती रही, जिससे राज्य सरकार को करीब 2165 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है।

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पैसे कहां-कहां पहुंचे?

जांच एजेंसियों का दावा है कि इस अवैध कमाई का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों, पार्टी कार्यालयों के निर्माण, नेताओं, अधिकारियों और कथित तौर पर मंत्रियों तक रकम पहुंचाने में किया गया। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

अब तक कौन-कौन गिरफ्तार

इस मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, और एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

EOW की पूछताछ से यह साफ हो सकता है कि घोटाले का नेटवर्क कितनी गहराई तक फैला है और इसमें और किन लोगों की भूमिका रही। आने वाले दिनों में इस मामले में नई गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

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