रायपुर। झमाझम बारिश से बेहाल छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार चौथे दिन भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अन्य जिलों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वहीं मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटे और भी चुनौतीपूर्ण बताए हैं। प्रदेश के चार जिलों – नारायणपुर, बालोद, राजनांदगांव और दुर्ग के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही रायपुर समेत 14 जिलों को ऑरेंज अलर्ट की श्रेणी में रखा गया है।
झमाझम बारिश से बेहाल छत्तीसगढ़ : निचली बस्तियों तक घुसा पानी, रास्ते हुए जलमग्न
राजधानी रायपुर के कालीबाड़ी, तेलीबांधा, समता कॉलोनी और घड़ी चौक जैसे इलाकों की सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो गया है। बस्तियों में नालियों का गंदा पानी घरों में घुस चुका है, जिससे लोग परेशान हैं। वहीं बिलासपुर के बंधवापारा, सरकंडा, पुराने बस स्टैंड जैसे इलाकों में जलभराव के अलावा पेड़ और होर्डिंग गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। अरपा नदी का जलस्तर भी खतरनाक रूप से बढ़ा हुआ है।
भिलाई-दुर्ग में हालात चिंताजनक
दुर्ग और भिलाई के सुपेला, कोहका, आकाशगंगा और पद्मनाभपुर क्षेत्रों में भी लगातार बारिश से नालियों का पानी सड़कों पर बह रहा है। पानी लोगों के घरों तक पहुंच चुका है और मुख्य मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: इन जगहों पर रहें सतर्क
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ सहित कुल 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में मूसलाधार बारिश की चेतावनी है।
मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल के आसपास बना निम्न दबाव का क्षेत्र फिलहाल उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले दो दिन प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। समुद्र तल से ऊपर तक बना चक्रवाती परिसंचरण भी पूरे सिस्टम को और सक्रिय कर रहा है।
सावधानी बरतें, प्रशासन अलर्ट पर
प्रशासन ने बस्तियों, निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वालों से सतर्क रहने की अपील की है। स्थानीय निकायों को राहत और बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है।













