Chhattisgarh Farmers : रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री (संगठन) अकील हुसैन ने राज्य सरकार की मंत्रिपरिषद द्वारा ‘उद्यम-2026’ के तहत किसान उत्थान योजना के नवीन स्वरूप को दी गई मंजूरी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और धान के बदले अन्य व्यावसायिक व सब्जी की खेती करने वाले किसानों को मात्र 15,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता देना ऊँट के मुँह में जीरे के समान है। आज के महंगाई के दौर में यह राशि बेहद कम और अपर्याप्त है।
Chhattisgarh Farmers : अकील हुसैन ने सीधे तौर पर राज्य सरकार को घेरते हुए कहा:
”आज बाज़ार में रासायनिक खाद (Fertilizers) और कीटनाशकों (Pesticides) के दाम आसमान छू रहे हैं। सब्जी और अन्य नगदी फसलों की खेती में लागत बहुत अधिक आती है। ऐसे में मात्र 15,000 रुपये की सहायता देकर सरकार किसानों को केवल गुमराह कर रही है। छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस माँग करती है कि इस प्रोत्साहन राशि को तुरंत बढ़ाकर कम से कम 35,000 रुपये प्रति एकड़ किया जाए, तभी सही मायनों में किसान कृषि विविधीकरण की ओर कदम बढ़ा सकेंगे।”
वास्तविक किसान हित के लिए किसान कांग्रेस की 5 सूत्रीय माँगें:
छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस ने राज्य सरकार के सामने किसानों की वास्तविक तरक्की और न्याय के लिए निम्नलिखित विस्तृत माँगें रखी हैं, जिन पर सरकार को तुरंत अमल करना चाहिए:
व्यावसायिक खेती के लिए ₹35,000 की सहायता: सब्जी, फल और अन्य व्यावसायिक फसलों की उच्च लागत को देखते हुए प्रोत्साहन राशि को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹35,000 प्रति एकड़ किया जाए।
खाद और पेस्टिसाइड पर अतिरिक्त राज्य सब्सिडी: केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण बढ़े हुए खाद और कीटनाशकों के दामों से राहत देने के लिए राज्य सरकार अपनी ओर से अतिरिक्त सब्सिडी की व्यवस्था करे।
शीत गृह (Cold Storage) और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना: सब्जी और फल उत्पादक किसानों की फसल जल्दी खराब हो जाती है। इसलिए हर ब्लॉक स्तर पर कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाई जाएं ताकि किसानों को औने-पौने दाम पर फसल न बेचनी पड़े।
सब्जियों और नगदी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का निर्धारण: सरकार केवल धान तक सीमित न रहे, बल्कि कृषि विविधीकरण को सफल बनाने के लिए प्रमुख सब्जियों और व्यावसायिक फसलों का भी एक सुरक्षित आधार मूल्य (MSP) तय करे।
सुलभ और ब्याज मुक्त कृषि ऋण: नगदी फसलों के लिए किसानों को बैंकों के चक्कर काटने से मुक्ति मिले और बिना किसी जटिल प्रक्रिया के शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाए।
Chhattisgarh Farmers : श्री अकील हुसैन ने चेतावनी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का किसान केवल घोषणाओं से बहलने वाला नहीं है। अगर राज्य सरकार ने किसानों की इन जायज माँगों पर विचार नहीं किया और प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी नहीं की, तो छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस किसानों के हक के लिए सड़क से सदन तक उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।









