निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा और प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश किया। इस बजट में नक्सल प्रभाव से बाहर निकल रहे बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पर्यटन और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी गई है।
अबूझमाड़-जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी
नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी। दोनों परियोजनाओं के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना है।
इंद्रावती बैराज और नहर निर्माण
बस्तर में इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण के लिए 2400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही 68 किलोमीटर नहर निर्माण की योजना बनाई गई है, जिससे सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और किसानों को लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती
बस्तर, सरगुजा और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। क्षेत्र में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की भर्ती की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
पर्यटन और आजीविका
बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं सरगुजा के मैनपाट क्षेत्र के पर्यटन विकास के लिए 5 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
कनेक्टिविटी और डिजिटल पहल
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बस्तर सीएम बस योजना के लिए 10 करोड़ रुपये
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बस्तर नेट प्रोजेक्ट के लिए 5 करोड़ रुपये अतिरिक्त
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बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर से नियमित हवाई सेवा की पहल
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बेहतर रोड नेटवर्क कनेक्टिविटी का विस्तार
इसके अलावा बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।कुल मिलाकर, Chhattisgarh Budget 2026 Bastar Focus के तहत सरकार ने आदिवासी अंचलों के सर्वांगीण विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना में निवेश से इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश स्पष्ट दिखाई देती है।











