बलरामपुर। Nishaanebaz.com-Minister Ramvichar Netam Delayed: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच सड़कों की जर्जर स्थिति अब न केवल आम जनता बल्कि सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों के लिए भी आफत बन गई है। अंबिकापुर से प्रतापपुर होते हुए सेमरसोत एनएच-343 (NH-343) को जोड़ने वाली मुख्य PWD सड़क की बदहाली के कारण प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दो घंटे की देरी से पहुंचे। सड़क के जानलेवा गड्ढों और घटिया निर्माण को देखकर भड़के मंत्री जी ने गाड़ी में बैठे-बैठे ही मौके से बलरामपुर कलेक्टर को फोन लगाकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने और अविलंब मरम्मत शुरू कराने के निर्देश जारी किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारिश का मौसम शुरू होने से कुछ ही महीने पहले लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा इस महत्वपूर्ण मार्ग पर लाखों रुपये खर्च कर पेंच रिपेयर (Patch Repair) का काम कराया गया था। हालांकि, पहली ही बारिश में विभाग के दावों की हवा निकल गई और सड़क का डामर बह गया। वर्तमान में सड़क पर कई-कई फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया व चारपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
वर्तमान में बलरामपुर-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-343) का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसके चलते जिला मुख्यालय से अंबिकापुर आने-जाने वाले अधिकांश भारी और हल्के वाहनों को इसी PWD मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में इस एकमात्र वैकल्पि मार्ग की बदहाली ने पूरे क्षेत्र के आवागमन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
सड़क की खराब हालत का सबसे बुरा असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों, स्कूली बच्चों और एंबुलेंस पर पड़ रहा है। दिन के समय चालक जैसे-तैसे गड्ढों से बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में पानी से लबालब भरे गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देने से स्थिति और भी खौफनाक हो जाती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस रूट पर रात में सफर करना अपनी जान हथेली पर रखकर चलने के समान है।
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स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि PWD विभाग के ठेकेदारों और इंजीनियरों द्वारा किए गए मरम्मत कार्य की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की थी। यदि समय रहते अधिकारियों ने निर्माण कार्य और गुणवत्ता की सतत निगरानी की होती, तो आज सरकार और जनता को यह दिन न देखना पड़ता। अब कृषि मंत्री रामविचार नेताम के सख्त रुख और कलेक्टर को दिए गए कड़े निर्देशों के बाद स्थानीय लोगों में आस जगी है कि जल्द ही जर्जर सड़क की किस्मत बदलेगी और भ्रष्टाचार व लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई होगी।


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