नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-Satya Niketan Building Collapse Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके मोती बाग से सटे सत्य निकेतन क्षेत्र में एक पुरानी तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इमारत गिरते ही मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस प्रशासन और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा मोती बाग स्थित सत्य निकेतन के शिव मंदिर के समीप हुआ। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण इमारत की संरचना कमजोर हो गई थी, जिसके चलते पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने बचाव कार्य शुरू किया और 2 से 3 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।
Building collapse in Satya Niketan, Delhi. Several students feared trapped. Satya Niketan is a popular area among college goers. Several PGs, book shops and budget cafes are in the area.
Updates soon. pic.twitter.com/6LYw5cM1gr
— Khushi Mehrotra (@khushimehrotraa) September 6, 2026
घटना की सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर दिल्ली फायर सर्विस (DFS) और स्थानीय पुलिस बल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। वर्तमान में फायर ब्रिगेड की लगभग 8 गाड़ियां दुर्घटनास्थल पर तैनात हैं। राहत एवं बचाव दल मलबे को हटाने और नीचे दबे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चला रहे हैं। मलबे के भारी-भरकम टुकड़ों को हटाने के लिए कटर और अर्थमूवर मशीनों की मदद ली जा रही है।
🚨#Breaking: Building collapses amid rains in #Delhi‘s #SatyaNiketan
Several feared trapped; rescue operations underway pic.twitter.com/bFkfWqClZa
— Karan Singh / करन सिंह (@Journo_Karan) September 6, 2026
स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। आसपास की अन्य पुरानी और जर्जर इमारतों को भी खाली कराने की कवायद शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता मलबे में फंसे सभी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की है, जिसके बाद इमारत के निर्माण और हादसे के सटीक कारणों की जांच की जाएगी।






