Nishaanebaz News Desk-Balrampur Employee Dismissed: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में भ्रष्टाचार के मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के एक कर्मचारी पर बड़ी कार्रवाई हुई है। 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सहायक ग्रेड कर्मचारी गौतम सिंह को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया चली, जिसमें अदालत ने कर्मचारी को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई।अदालत के फैसले के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए गौतम सिंह की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
12 हजार रुपये की रिश्वत लेते ACB ने पकड़ा था
गौतम सिंह वाड्रफनगर के BEO कार्यालय में सहायक ग्रेड कर्मचारी के पद पर पदस्थ था। आरोप था कि उसने एक काम को पूरा करने के बदले संबंधित व्यक्ति से रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामले की जांच की और ट्रैप की कार्रवाई की।ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए गौतम सिंह को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसके खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
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कोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में सुनाई तीन साल की सजा
रिश्वतखोरी के मामले में जांच पूरी होने के बाद प्रकरण अदालत में पहुंचा। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गौतम सिंह को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी माना।अदालत ने उसे तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट के इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग ने भी अपने स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
सरकारी नौकरी से भी किया गया बर्खास्त
अदालत से दोषसिद्धि के बाद बलरामपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने विभागीय आदेश जारी करते हुए गौतम सिंह को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई के साथ अब उसकी सरकारी नौकरी भी समाप्त हो गई है।विभागीय कार्रवाई को भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी की शिकायतों पर ACB लगातार कार्रवाई करता रहा है।
रिश्वतखोरी पर विभाग का सख्त संदेश
इस मामले के बाद शिक्षा विभाग में भी चर्चा तेज है। अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया है कि भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ACB की गिरफ्तारी, अदालत की सजा और इसके बाद सरकारी सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

