रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज चौथा दिन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। सदन में आज मनरेगा, पंचायत, स्कूल शिक्षा, उद्योग और पर्यावरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के दौरान इन विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
प्रश्नकाल में मनरेगा और पंचायत पर फोकस
आज के प्रश्नकाल में मनरेगा और पंचायत विभाग से संबंधित सवाल प्रमुख रहेंगे। विपक्ष रोजगार सृजन, भुगतान में देरी और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार को घेर सकता है। वहीं सरकार ग्रामीण विकास और रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर अपनी उपलब्धियां गिनाने की तैयारी में है।
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शिक्षा व्यवस्था पर सत्तापक्ष-विपक्ष आमने-सामने
स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दे भी सदन में गर्मा सकते हैं। शिक्षकों की कमी, स्कूलों के युक्तियुक्तकरण, छात्रों की सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर विपक्ष सवाल उठाएगा। सत्ता पक्ष शिक्षा सुधारों और नई योजनाओं का हवाला देते हुए जवाब देगा।
उद्योग और पर्यावरण पर संभावित टकराव
उद्योग और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर भी बहस तेज रहने के आसार हैं। विपक्ष औद्योगिक निवेश, पर्यावरणीय मंजूरी और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के मुद्दे उठाएगा। वहीं सरकार राज्य में नए उद्योगों, निवेश प्रस्तावों और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के दावों के साथ अपनी बात रखेगी।
शून्यकाल में उठेंगे जनहित के मुद्दे
शून्यकाल के दौरान विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय और जनहित के मुद्दे सदन के पटल पर रख सकते हैं। सत्ता और विपक्ष दोनों के तेवर सख्त रहने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे सदन में हंगामे की भी आशंका है।
तीसरे दिन पेश हुआ बड़ा सप्लीमेंट्री बजट
गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 35 हजार करोड़ रुपये का सप्लीमेंट्री बजट पेश किया था। वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले लाए गए इस बजट पर विपक्ष ने कड़ी आपत्तियां जताईं, जबकि सरकार ने इसे विकासोन्मुखी बताया।













