Chhath Puja 2025 : बिहार के इन ऐतिहासिक घाटों पर मिलती है भक्ति और शांति की अनुभूति

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Chhath Puja 2025 : बिहार। छठ पूजा की आत्मा से जुड़ा एक गहरा आध्यात्मिक पर्व है, और पटना के अलावा भी राज्य में कई ऐसे ऐतिहासिक घाट हैं जो इस महापर्व के दौरान भक्तों को अनूठा अनुभव देते हैं। आपने जो लेख का सारांश दिया है, उसमें दो घाटों — देव सूर्य मंदिर (औरंगाबाद) और कष्टहरणी घाट (मुंगेर) — का उल्लेख प्रमुखता से हुआ है। आइए बाकी के मशहूर घाटों पर भी नजर डालते हैं, जो छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के बीच बेहद प्रसिद्ध हैं:

  1. Dev Surya Mandir Bihar। देव सूर्य मंदिर औरंगाबाद - News18 हिंदी1. देव सूर्य मंदिर, औरंगाबाद
  • विशेषता: भारत का एकमात्र पश्चिममुखी सूर्य मंदिर।
  • मुख्य स्थल: सूर्यकुंड तालाब।
  • मान्यता: विश्वकर्मा द्वारा एक रात में निर्मित।
  • छठ में भूमिका: देशभर से श्रद्धालु यहां अर्घ्य देने आते हैं।
    Kastaharni Ghat - Wikipedia2.  कष्टहरणी घाट, मुंगे
  • विशेषता: पौराणिक कथा अनुसार राम ने यहां स्नान किया था।
  • गंगा स्नान: कष्टहरणी यानी ‘कष्ट दूर करने वाला’ घाट।
  • छठ में दृश्य: डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देना अत्यंत मनमोहक होता है।

भागलपुर में गंगा स्नान करने के लिए गंगा घाटों पर उमड़ी छठ व्रतियों की भीड़ - crowd of chhath vratis gathered at ganga ghats to take bath in ganga in bhagalpur -3. उदयाचल घाट, भागलपुर

  • विशेषता: यह घाट गंगा के किनारे स्थित है और अपने शांत वातावरण और साफ-सफाई के लिए प्रसिद्ध है।
  • स्थानीय आस्था: भागलपुर और आसपास के जिलों से लोग बड़ी संख्या में आते हैं।
  • विशेष आकर्षण: घाट की सीढ़ियाँ सूर्य अर्घ्य के लिए खास बनाईं गई हैं।

प्रखंड पर्यटन दर्शनीय बिहार: प्रकृति की छटा बिखेरता कुशेश्वरस्थान लुभाता देसी-विदेशी पक्षियों का कलरव - Bihar tourism Kusheshwarsthan full of nature attracts chirping ...4. कुशेश्वर स्थान, दरभंग

  • विशेषता: मिथिला क्षेत्र में यह स्थान धार्मिक रूप से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
  • स्थान की मान्यता: शिव और सूर्य दोनों की उपासना होती है।
  • छठ महत्त्व: यहाँ के जल स्रोत को पवित्र माना जाता है, और हजारों श्रद्धालु यहीं सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं।

5. समस्तीपुर का बूढ़ी गंडक घाट

  • विशेषता: बूढ़ी गंडक नदी पर बना यह घाट बहुत पुराना और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है।
  • स्थानीय परंपरा: यहां सूर्य पूजा के गीतों और लोक-नृत्य की भी विशेष परंपरा है।
  • छठ का माहौल: गांवों से लेकर शहर तक, लोग सामूहिक रूप से यहां एकत्र होते हैं।

Read more : इन सभी घाटों पर छठ पूजा के दौरान भक्ति, पवित्रता और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। अगर आप पटना के बाहर किसी शांत, पारंपरिक और ऐतिहासिक स्थान पर छठ मनाने का अनुभव लेना चाहते हैं, तो ये घाट बेहतरीन विकल्प हैं।

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VIKASH KHALKHO
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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