Chakradharpur Railway Division : चक्रधरपुर/राउरकेला। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले बिमलगढ़ रेलखंड पर रविवार सुबह एक बार फिर नक्सल आतंक देखने को मिला। सुबह 10:30 बजे के आसपास, नक्सलियों ने पेट्रोलिंग कर रहे दो ट्रैकमैन को निशाना बनाकर शक्तिशाली बम विस्फोट किया। इस हमले में 58 वर्षीय एतवा उरांव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बुधराम मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
इस घटना से कुछ घंटे पहले सुबह 6:30 बजे भी ट्रैक पर एक विस्फोट हुआ था, और नक्सलियों ने लाल बैनर लगाकर अपने इरादों का संकेत दे दिया था। बावजूद इसके, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ट्रैक की पूरी जांच किए बिना ही दोनों कर्मचारियों को पेट्रोलिंग के लिए भेज दिया।
जब कर्मचारी ट्रैक की जांच कर रहे थे, तभी दूसरा विस्फोट हुआ, जिससे एतवा उरांव की मौके पर ही मौत हो गई। बुधराम मुंडा को गंभीर अवस्था में राउरकेला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
इस हमले के बाद रेलवे कर्मचारियों में जबरदस्त रोष फैल गया है। दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस मंडल संयोजक शशि मिश्रा ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए कहा कि नक्सली बंद जैसे संवेदनशील मौकों पर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की ज़िम्मेदारी है।
रेलवे यूनियनों ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। यूनियनों की मांग है कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में इस तरह की लापरवाही न दोहराई जाए।
घटना के बाद कुछ घंटों तक इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही भी बाधित रही। यात्रियों में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता देखी गई। कई रेलगाड़ियों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया है। यह क्षेत्र झारखंड-ओडिशा सीमा पर स्थित होने के कारण नक्सल प्रभावित माना जाता है, जहां पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। सुरक्षा एजेंसियों को पहले से अलर्ट किया गया था, लेकिन इस बार भी नक्सली रेलवे जैसे संवेदनशील इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने में सफल रहे।
घटना के कई घंटे बाद तक स्थानीय प्रशासन और RPF के उच्च अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया, जिससे जवाबदेही और सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। रेलवे बोर्ड की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जांच समिति घोषित नहीं की गई है।













