Chaitanya Baghel Bail : रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी चैतन्य बघेल को हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज मामलों में लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली। वे 18 जुलाई 2025 से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे।
गिरफ्तारी और आरोप: जन्मदिन पर मिली थी जेल
ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को उनके जन्मदिन के दिन भिलाई स्थित निवास से गिरफ्तार किया था।
-
मुख्य आरोप: ईडी का दावा है कि चैतन्य बघेल ने शराब सिंडिकेट के माध्यम से लगभग 1,000 करोड़ रुपये के लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग में सक्रिय भूमिका निभाई।
-
हिस्सेदारी: जांच एजेंसियों के अनुसार, घोटाले की अवैध कमाई (Proceeds of Crime) में से एक बड़ा हिस्सा उनके रियल स्टेट और अन्य व्यवसायों में निवेश किया गया था।
29,800 पन्नों का ‘अंतिम चालान’
हाल ही में 26 दिसंबर 2025 को ईडी ने विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में 29,800 से अधिक पन्नों का अंतिम चालान पेश किया था। इस चार्जशीट में 82 लोगों को आरोपी बनाया गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और जांच में सहयोग के आधार पर हाई कोर्ट ने चैतन्य की जमानत अर्जी पर मुहर लगा दी।
क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?
यह घोटाला पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल के दौरान का बताया जा रहा है। जांच के अनुसार, 2,500 करोड़ से लेकर 3,200 करोड़ रुपये के बीच के इस घोटाले को एक ‘सिंडिकेट’ के जरिए अंजाम दिया गया था। इसमें नकली होलोग्राम का उपयोग, बिना हिसाब की शराब की बिक्री और डिस्टिलर्स से कमीशनखोरी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
अब तक के प्रमुख घटनाक्रम:
-
अनिल टुटेजा (पूर्व IAS) और अनवर ढेबर: घोटाले के कथित मास्टरमाइंड माने गए हैं।
-
कवासी लखमा: पूर्व आबकारी मंत्री भी इस मामले में जांच के दायरे में हैं।
-
अधिकारी: आबकारी विभाग के कई अधिकारियों को पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।











