गौरीशंकर गुप्ता : बिलासपुर से एक बेहद प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां महज 8-9 साल के एक बच्चे ने अपने छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव लाने की मिसाल पेश की है। इस नन्हे बालक का नाम है अद्विक मिश्रा, जो आज अपने असाधारण कार्यों के कारण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुके हैं।
CG NEWS: जहां आज के समय में अधिकांश बच्चे मोबाइल फोन, वीडियो गेम और टीवी की दुनिया में व्यस्त रहते हैं, वहीं अद्विक ने प्रकृति को बचाने और उसे संवारने का रास्ता चुना। इतनी कम उम्र में उनका यह समर्पण न सिर्फ अनोखा है, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश भी देता है।
बचपन से ही प्रकृति के प्रति गहरा लगाव
CG NEWS: अद्विक, दीपक मिश्रा के पुत्र हैं और Delhi Public School Bilaspur में कक्षा चौथी के छात्र हैं। उनका पर्यावरण के प्रति प्रेम कोई हालिया पहल नहीं, बल्कि बचपन से ही उनके स्वभाव का हिस्सा रहा है। जब वे पहली या दूसरी कक्षा में थे, तभी उन्होंने अपने घर के आसपास पौधे लगाना शुरू कर दिया था।
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CG NEWS: शुरुआत छोटे स्तर पर हुई—घर के आंगन, खाली पड़ी जमीन और आसपास के इलाकों में फलदार व फूलों के पौधे लगाकर। लेकिन समय के साथ यह छोटा प्रयास एक बड़े मिशन में बदल गया।
1500 से अधिक पेड़ लगाने का अद्भुत रिकॉर्ड
CG NEWS: अद्विक की मेहनत और लगन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे अब तक 1500 से 2000 के बीच पेड़-पौधे लगा चुके हैं। खास बात यह है कि वे सिर्फ पौधे लगाकर ही नहीं छोड़ते, बल्कि उनकी देखभाल भी करते हैं—उन्हें पानी देना, सुरक्षित रखना और उनकी वृद्धि पर नजर रखना, यह सब उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
CG NEWS: स्कूल के बाद का समय, छुट्टियां या खाली पल—हर अवसर को वे पर्यावरण के लिए समर्पित कर देते हैं। वे नए स्थान ढूंढते हैं और वहां पौधरोपण कर धरती को हरियाली से भरने का प्रयास करते हैं।
रायपुर में मिला ‘पर्यावरण प्रेमी’ सम्मान
CG NEWS: अद्विक के इस प्रेरणादायक कार्य की गूंज रायपुर तक पहुंची, जहां उन्हें एक विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग द्वारा उन्हें ‘पर्यावरण प्रेमी’ के सम्मान से नवाजा गया।
CG NEWS: इस अवसर पर आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अद्विक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे बच्चे समाज और देश के भविष्य की असली ताकत हैं।
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समाज के लिए प्रेरणा
CG NEWS: डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि अद्विक का कार्य उन लोगों के लिए एक आईना है, जो पर्यावरण संरक्षण की बातें तो करते हैं, लेकिन उस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाते। अद्विक ने अपनी छोटी उम्र में यह साबित कर दिया है कि बदलाव लाने के लिए उम्र नहीं, बल्कि सोच और संकल्प की जरूरत होती है।
CG NEWS: आज जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में अद्विक जैसे बच्चों की पहल उम्मीद की किरण बनकर सामने आती है।
एक नन्हा कदम, बड़े बदलाव की ओर
CG NEWS: अद्विक मिश्रा की कहानी यह सिखाती है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी व्यक्ति—चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो—समाज और पर्यावरण के लिए बड़ा योगदान दे सकता है।
CG NEWS: उनकी यह यात्रा न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि हर व्यक्ति को यह सोचने पर मजबूर करती है कि वह खुद पर्यावरण को बचाने के लिए क्या कर सकता है।











