रिपोर्टर: रोहित वर्मा/खरोरा| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में तिल्दा खंड के माठ मंडल में श्री विजयादशमी उत्सव एवं भव्य पथ संचलन का आयोजन अत्यंत उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभावना के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन समाज संगठन, सेवा और राष्ट्र जागरण की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला माठ के प्रांगण में शाखा लगने के बाद हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री सत्यनारायण गुप्ता (संचालक, हरगुन सोलर प्लांट), मुख्य वक्ता श्री त्रिभुवन नारायण (विभाग व्यवस्था प्रमुख, रायपुर विभाग) तथा जिला संघचालक श्री देवेंद्र ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्य वक्ता श्री त्रिभुवन नारायण जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा —
“डॉ. हेडगेवार जी ने देश और समाज की दयनीय स्थिति को देखकर डॉक्टरी पेशा त्याग दिया और राष्ट्र की ‘बीमारी’ को दूर करने का संकल्प लिया। 1925 में विजयादशमी के दिन 17 स्वयंसेवकों के साथ संघ की स्थापना की। सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने राष्ट्र को एकता, अनुशासन और संगठन का अमूल्य संदेश दिया।”
उन्होंने आगे बताया कि डॉ. हेडगेवार जी के पश्चात माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर (गुरुजी) ने देशभर में भ्रमण कर संघ कार्य को नई गति दी। गुरुजी के नेतृत्व में संघ एक बीज से वटवृक्ष के समान विकसित हुआ और विहिप, भाजपा, विद्यार्थी परिषद, विद्या भारती जैसे अनेक संगठन संघ की प्रेरणा से आगे बढ़े।
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कार्यक्रम में मंडल के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने गणवेशधारी अनुशासन और एकता का प्रदर्शन करते हुए भव्य पथ संचलन किया। संचलन के दौरान स्थानीय नागरिकों और मातृशक्तियों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। “भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों से सम्पूर्ण ग्राम वातावरण राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित आयोजनों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसने समाज में संगठन, एकता और सेवा की भावना को और प्रबल किया।













