CG NEWS: पुलिस बनी राजनीति की कठपुतली! घरघोड़ा में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर एफआईआर का इनाम

Sanjay Sahu
CG NEWS

CG NEWS: पुलिस बनी राजनीति की कठपुतली! घरघोड़ा में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर एफआईआर का इनाम

भ्रष्टाचार उजागर करने वाले उपाध्यक्ष को फर्जी केस में फंसाने की साजिश

घरघोड़ा थाना प्रभारी और आरक्षक लाइन हाजिर मामला

पुलिस बनी राजनीति की कठपुतली !!!

CG NEWS: रायगढ़/घरघोड़ा : एक ओर जहां सरकारें पारदर्शिता और सुशासन की बात करती हैं, वहीं ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। रायगढ़ ज़िले के घरघोड़ा नगर पंचायत उपाध्यक्ष अमित त्रिपाठी द्वारा पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के खिलाफ उठाई गई आवाज़ अब उनके लिए अभिशाप बन गई है।

CG NEWS: सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित त्रिपाठी ने घरघोड़ा थाना प्रभारी (टीआई) के खिलाफ लगातार उच्च अधिकारियों को शिकायतें भेजी थीं। इन शिकायतों में वसूली तंत्र, राजनीतिक संरक्षण में हो रहे अन्यायपूर्ण कार्य, तथा जनहित की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप थे। शिकायतों को लेकर की गई जांच में टीआई की संलिप्तता प्रमाणित पाई गई, जिसके चलते उच्च कार्यालय ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया, साथ ही दो आरक्षकों को भी हटाया गया।

CG NEWS: उधर लाइन हाजिर का आदेश ईधर 2 घण्टे में एफआईआर

CG NEWS: जैसे ही दोपहर लगभग 12 बजे टीआई के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक हुई, उसी दिन महज दो घंटे के भीतर अमित त्रिपाठी व उनके सहयोगियों पर एक फर्जी मारपीट का मामला दर्ज कर दिया गया। आरोप यह भी है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध की पटकथा थी, जो पहले से तैयार की गई थी और टीआई द्वारा अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर क्रियान्वित की गई।

CG NEWS: गंभीर तथ्य यह है कि जिस समय की घटना एफआईआर में दर्शाई गई है. उसी वक्त अमित त्रिपाठी स्वयं घरघोड़ा थाने में उपस्थित थे और इसका प्रमाण भी उपलब्ध है। फिर भी कथित पीड़ित ने घटना की शिकायत स्थानीय थाने में न देकर रायगढ़ में की, जिससे पूरा मामला संदेहास्पद और सुनियोजित षड्यंत्र की ओर इशारा करता है।

 

READ MORE:CG NEWS : पुलिस की वर्दी पर कलंक, वसूली का चला रहे थे रैकेट, TI समेत दो आरक्षक लाइन अटैच

 

CG NEWS: लोकतंत्र की अर्थी निकालने आमादा घरघोड़ा थाना ?

CG NEWS: इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि जनप्रतिनिधियों को झूठे मुकदमों में फंसाकर आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। एक ओर जहां भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होती है, वहीं दूसरी ओर सच्चाई उजागर करने वालों को दंडित किया जा रहा है।

CG NEWS: यह मामला केवल अमित त्रिपाठी का नहीं, बल्कि उस जनता के अधिकारों का हनन है, जो अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से व्यवस्था में बदलाव लाना चाहती है। अगर ऐसे मामलों को उच्च स्तरीय संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच नहीं करवाई गई, तो घरघोड़ा जैसे छोटे कस्बे पूंजीवाद के कंधों पर लोकतंत्र की अर्थी उठाने के अड्डे बन जाएंगे।

CG NEWS: अब देखना यह है कि क्या शासन-प्रशासन इस गंभीर मसले पर कार्रवाई कर पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करता है, या फिर सच्चाई को सत्ता और सेटिंग के नीचे दबा दिया जाता है।

 

थाना प्रभारी चला रहे थे 2 पुलिसवालों के साथ मिलकर वसूली रैकेट, लाइन अटैच की कार्रवाई

 

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Nishanebaz.com (@nishaanebaz_com)

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *