CG NEWS: रायपुर: नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब मैच के दौरान अचानक आग भड़क उठी और स्टेडियम में मौजूद लोग चीखने-चिल्लाने लगे। हालांकि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं, बल्कि एक मॉक ड्रिल थी। इस मॉक ड्रिल के जरिए आपदा प्रबंधन की तैयारी और त्वरित रेस्पॉन्स की क्षमता का अभ्यास किया गया।
CG NEWS: मौके पर मौजूद NDRF, SDRF और छत्तीसगढ़ फायर ब्रिगेड की टीमों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। फायर फाइटर्स ने आग की लपटों के बीच फंसे लोगों को स्ट्रेचर पर सुरक्षित बाहर निकाला। यह दृश्य इतना वास्तविक और रोमांचक था कि बड़ी संख्या में लोग स्टेडियम के बाहर इसे देखने के लिए जमा हो गए।
CG NEWS: इसी मॉक ड्रिल के तहत बाढ़ जैसी आपदा की भी तैयारी की गई। सेंध लेक पर किए गए अभ्यास में टीम को यह परिकल्पना दी गई कि रात में निसदा बांध के बारह गेट खोल दिए गए हैं और उसके चलते गांव में बाढ़ आ गई है। टीमों को ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने का टास्क दिया गया।
CG NEWS: इस अभ्यास में NDRF की 31 सदस्यीय टीम शामिल रही, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर बरुण कुमार कर रहे थे। उनके साथ सब इंस्पेक्टर विकास सैनी और राजीव कुमार भी मौजूद थे। SDRF की टीमों ने भी समन्वित ढंग से रेस्क्यू ऑपरेशन में भाग लिया।
CG NEWS: मॉक ड्रिल के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। इसमें अपर कलेक्टर नम्रता जैन, एडीएम उमा शंकर बंदे, अपर कलेक्टर मनीष मिश्रा, आरंग एसडीएम अभिलाषा पैकरा, जिला सेनानी पुष्पराज सिंह और तहसीलदार विनोद साहू ने बोट के जरिए पूरे इलाके का निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि कोई व्यक्ति जलभराव में फंसा न हो।
CG NEWS: इस दौरान NDMA के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) रविन्द्र गुरंग और NDRF के डिप्टी कमांडेंट पवन जोशी भी मौजूद रहे। उन्होंने मॉक ड्रिल की तैयारियों और निष्पादन की सराहना की।













