CG NEWS : नेत्र सहायक अधिकारियों की नियमविरुद्ध पदोन्नति पर बवाल, स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग, संयुक्त संचालक पर उठे सवाल
CG NEWS : रायपुर: छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य विभाग इन दिनों लगातार विवादों में घिरा हुआ है। सीजीएमएससी घोटाले से लेकर विभागीय स्तर पर हो रहे नियम विरुद्ध प्रमोशन तक कई तरह के गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं। अब इसी कड़ी में नेत्र सहायक अधिकारियों की नियमविरुद्ध पदोन्नति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
CG NEWS : स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने नेत्र सहायक अधिकारी के पदों पर नियमों के विरुद्ध पदोन्नति का गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य संचालक और रायपुर संभाग के आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
CG NEWS : संघ का आरोप है कि रायपुर और दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा वर्ष 2022-23 से लेकर 2025-26 तक नेत्र सहायक अधिकारी के पदों पर भर्ती नियम 2020 और छत्तीसगढ़ राजपत्र में उल्लिखित प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए 20 प्रतिशत से अधिक पदोन्नतियाँ की गई हैं। नियमों के अनुसार इन पदों में से केवल 20 प्रतिशत पदों पर ही पदोन्नति की जा सकती है, जबकि 80 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती अनिवार्य है।
CG NEWS : आरटीआई से हुआ खुलासा
CG NEWS : संघ द्वारा प्राप्त सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:
वर्ष 2022-23 में कुल 61 रिक्त पदों में 15 पदोन्नतियाँ की गईं (20% = 12 पद)
वर्ष 2023-24 में 52 रिक्त पदों में 22 पदोन्नतियाँ हुईं (20% = 10.4 पद)
वर्ष 2024-25 में 54 रिक्त पदों में 13 पदोन्नतियाँ हुईं (20% = 10.8 पद)
वर्ष 2025-26 में फिर 6 कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश जारी हुए।
CG NEWS : संघ का कहना है कि यह लगातार तीसरे वर्ष नियमों की अनदेखी कर अतिरिक्त पदोन्नतियाँ की गई हैं, जिससे भविष्य में सीधी भर्ती के अवसर समाप्त हो जाएंगे और बेरोजगार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।
CG NEWS : भ्रष्टाचार की आशंका, निलंबन की मांग
CG NEWS : संघ ने इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और आर्थिक लेन-देन की आशंका जताते हुए रायपुर एवं दुर्ग के संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को तत्काल निलंबित करने और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संघ उग्र आंदोलन करेगा और रायपुर-दुर्ग संभागीय कार्यालय का घेराव करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।












