CG News: अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के कुमेली पर्यटन स्थल स्थित वन विश्राम गृह में अश्लील नृत्य के वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लापरवाही और उच्च अधिकारियों को समय पर सूचना नहीं देने के आरोप में उप वनक्षेत्रपाल रविचन्द्र तिवारी और वनपाल सेलेस्टिना लकड़ा को सरगुजा वनवृत्त के मुख्य वन संरक्षक दिलराज प्रभाकर ने निलंबित कर दिया है।
CG News: विभागीय जांच में सामने आया है कि यह आपत्तिजनक आयोजन लगभग दो वर्ष पूर्व हुआ था, लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। इस वजह से विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा।
CG News: जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह आयोजन आर्केस्ट्रा के नाम पर कराया गया था, जिसकी अनुमति तत्कालीन रेंजर ने दी थी, जो वर्तमान में एसडीओ के पद पर पदस्थ है। कार्यक्रम के लिए बाहर से युवतियों को बुलाया गया था और देर रात तक आयोजन चलता रहा। इसमें कुछ जनप्रतिनिधियों और प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी भी बताई जा रही है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अब एसडीओ के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
CG News: मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरजपुर डीएफओ डीपी साहू ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कराने के लिए एसपी सूरजपुर को पत्र भेजा है। पुलिस स्तर पर भी जांच शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
CG News: जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि कुमेली वन विश्राम गृह में नियमित निगरानी नहीं थी, जिसके चलते लंबे समय तक इसका दुरुपयोग होता रहा। वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
CG News: गौरतलब है कि हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर कुमेली पर्यटन स्थल स्थित वन विश्राम गृह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें रेस्ट हाउस के भीतर बैठे लोगों के सामने अर्धनग्न युवतियां अश्लील गानों पर नृत्य करती नजर आ रही थीं।
CG News: यह विश्राम गृह रामानुजनगर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आता है और अपने जलप्रपात व प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। वीडियो सामने आने के बाद आरोप लगे कि यह रेस्ट हाउस लंबे समय से रात के समय अवैध गतिविधियों का केंद्र बना हुआ था, जहां शराबखोरी, अश्लील नृत्य और जुए जैसी गतिविधियां चलती थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह सिलसिला पिछले तीन से चार वर्षों से जारी था। मामला उजागर होने के बाद रेस्ट हाउस की जिम्मेदारी को लेकर वन विभाग और वन विकास निगम के बीच मतभेद भी सामने आए हैं।











