CG NEWS : गौरी शंकर गुप्ता / जशपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नाम पर होने वाले कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए सूचना के अधिकार (RTI) का बड़ा हथियार चला है। जिला पंचायत जशपुर ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जनपद पंचायत पत्थलगांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को कड़ा निर्देश जारी किया है। मामला विकास खंड पत्थलगांव के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गोढ़ी (बी) में पिछले तीन वर्षों में हुए कार्यों की कुंडली खंगालने से जुड़ा है।
CG NEWS : 15वें वित्त आयोग के फंड पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ :प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 से लेकर अब तक 15वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायत गोढ़ी (बी) में कराए गए समस्त विकास कार्यों का समेकित विवरण मांगा गया है। इस शिकायत/आवेदन के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इसमें केवल कागजी जानकारी नहीं, बल्कि भुगतान का आधार बनने वाले ठोस सबूतों की मांग की गई है।
CG NEWS : इन तीन बिंदुओं ने बढ़ाई जिम्मेदारों की धड़कनें :दस्तावेज़ के अनुसार, जिला पंचायत ने स्पष्ट रूप से निम्नलिखित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं:
* मेजरमेंट बुक (MB) की प्रमाणित कॉपियां: उन विशिष्ट पृष्ठों की मांग की गई है जिनके आधार पर ठेकेदारों या संबंधितों को भुगतान ‘पास’ किया गया।
* जियो-टैग तस्वीरें (तीन अवस्थाएं): कार्य शुरू होने से पहले, कार्य के दौरान और कार्य पूर्ण होने के बाद की वे तस्वीरें जिन पर अक्षांश (Latitude), देशांतर (Longitude) और दिनांक स्पष्ट अंकित हों। यह फर्जी बिलिंग रोकने का सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है।
* मस्टर रोल की सत्यता: कार्यों में लगे मानव श्रम (मजदूरों) की पुष्टि करने वाले मास्टर रोल की सत्यापित प्रतियां मांगी गई हैं, जिससे यह साफ हो सके कि धरातल पर वाकई काम हुआ है या केवल कागजों पर ही मजदूरों के नाम चढ़ा दिए गए।
CG NEWS : जिला पंचायत ने सीधे जनपद को किया ट्रांसफर :जिला पंचायत जशपुर के जन सूचना अधिकारी ने RTI अधिनियम 2005 की धारा 6(3) के तहत इस आवेदन को मूलतः जनपद पंचायत पत्थलगांव को हस्तांतरित कर दिया है। आदेश में साफ कहा गया है कि यह जानकारी सीधे तौर पर जनपद कार्यालय से संबंधित है, इसलिए नियमानुसार आवेदक को तत्काल जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
CG NEWS : पारदर्शिता की कसौटी पर प्रशासन :अब गेंद जनपद पंचायत पत्थलगांव के पाले में है। यदि जियो-टैग तस्वीरों और मेजरमेंट बुक में विसंगति पाई जाती है, तो ग्राम पंचायत गोढ़ी (बी) में हुए विकास कार्यों की पोल खुल सकती है। स्थानीय ग्रामीणों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कितनी पारदर्शिता के साथ यह रिकॉर्ड सार्वजनिक करता है।












