रायपुर। राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार जारी है। शुक्रवार को एसीबी ने सक्ती और कोरिया जिलों में छापेमारी कर तीन लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए में सक्ती जिले के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. राजेन्द्र कुमार पटेल और कोरिया जिले के थाना पटना के एएसआई पी. टोप्पो तथा उनके सहयोगी राजू कुमार देवांगन शामिल हैं। दोनों ही मामलों में आरोपियों के खिलाफ धारा 7 और 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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पहला मामला सक्ती जिले के डमरा बीएमओ कार्यालय का है। शिकायतकर्ता उमेश कुमार चंद्रा ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके यात्रा भत्ता बिल की राशि पारित करने के एवज में बीएमओ डॉ. राजेन्द्र कुमार पटेल ने ₹32,500 की रिश्वत मांगी थी। आरोपी ने पहले ही ₹10,500 अग्रिम के रूप में ले लिए थे और बाकी ₹15,000 लेने के लिए सहमत हुए थे। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने 17 अक्टूबर को ट्रैप आयोजित किया और जैसे ही डॉ. पटेल ने ₹15,000 की दूसरी किश्त ली, टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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दूसरा मामला कोरिया जिले के थाना पटना का है। शिकायतकर्ता मो. शाह खान ने बताया कि उनकी बेटी आशिया नाज का सड़क हादसे में पैर टूट गया था और उन्होंने 27 सितंबर को थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। एएसआई पी. टोप्पो ने अंतिम रिपोर्ट तैयार करने और इलाज का खर्च दिलवाने के नाम पर ₹15,000 की रिश्वत मांगी और ₹3,000 अग्रिम के रूप में ले लिए। शिकायत सत्यापन के बाद एसीबी अंबिकापुर की टीम ने शुक्रवार को ट्रैप लगाई और जैसे ही आरोपी ने ₹12,000 की शेष राशि अपने सहयोगी के माध्यम से ली, दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों में शिकायतकर्ताओं की सतर्कता और लिखित शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धारा 7 और 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है।











