Wednesday, August 19, 2026
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CG Broken Bridge Surajpur: टूटी पुलिया बनी जानलेवा, उफनती नदी पार कर स्कूल पहुंच रहे बच्चे, SECL पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

CG Broken Bridge Surajpur: सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की प्रतापपुर तहसील स्थित सुखदेवपुर गांव में एक टूटी पुलिया अब ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। लगातार हो रही बारिश के बीच फुलझर नदी उफान पर है, लेकिन इसके बावजूद मासूम बच्चों को हर दिन जान जोखिम में डालकर नदी पार कर स्कूल जाना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई अभिभावक अपने बच्चों को पीठ पर बैठाकर नदी पार करा रहे हैं, जबकि कई बच्चे तेज बहाव के बीच खुद ही स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं।

टूटी पुलिया से कई गांवों का टूटा संपर्क

CG Broken Bridge Surajpur: ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों तक इसी पुलिया से SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के भारी-भरकम कोयला परिवहन वाले ट्रकों की आवाजाही होती रही। लगातार भारी वाहनों के दबाव और समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बरसात शुरू होने से पहले ही पुलिया टूट गई, जिससे सुखदेवपुर सहित कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया।

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वैकल्पिक रपटा भी नहीं दे रहा राहत

CG Broken Bridge Surajpur: पुलिया टूटने के बाद SECL ने वैकल्पिक रपटा (कॉजवे) बनाने का काम शुरू कराया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। बारिश के दौरान यह रपटा भी पानी में डूब जाता है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

हर दिन खतरे के बीच स्कूल पहुंच रहे छात्र

CG Broken Bridge Surajpur: सुखदेवपुर, बोझा, चंद्रपुर और आसपास के गांवों के छात्र इसी रास्ते से खड़गवां स्थित स्कूल जाते हैं। बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से हर दिन बच्चों को उफनती धारा पार करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का दावा है कि हाल ही में कुछ बच्चे तेज बहाव में बहते-बहते बचे, जिसके बाद अभिभावकों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ गई है।

SECL पर वादाखिलाफी का आरोप

CG Broken Bridge Surajpur: ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में खदान शुरू होने के समय SECL ने सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करने का वादा किया था। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी स्थायी पुल का निर्माण नहीं कराया गया। उनका कहना है कि कंपनी ने क्षेत्र से करोड़ों रुपये का कोयला निकाला, लेकिन स्थानीय लोगों की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की।

कई बार आंदोलन, फिर भी नहीं मिला समाधान

CG Broken Bridge Surajpur: स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क और पुल निर्माण की मांग को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम और आंदोलन किए गए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। आज भी ग्रामीण और स्कूली बच्चे जोखिम उठाकर नदी पार करने को मजबूर हैं।

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स्थायी पुल बनाने की मांग

CG Broken Bridge Surajpur: ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन और SECL से तत्काल स्थायी पुल का निर्माण कराने, बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वे बड़ा जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और SECL की होगी।

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