नई दिल्ली। Financial Changes From November 1: नवंबर 2026 की शुरुआत के साथ ही आम नागरिकों के दैनिक जीवन और वित्त से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। पेंशन, इनकम टैक्स, रसोई गैस (LPG) और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से जुड़े इन अहम अपडेट्स का सीधा असर पेंशनभोगियों, कारोबारियों, निवेशकों और आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं 1 नवंबर से जुड़े उन पांच प्रमुख बदलावों के बारे में, जिन पर आपको विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
सबसे पहला और अहम बदलाव पेंशनभोगियों के लिए है। सरकारी पेंशन का निरंतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए हर साल नवंबर के महीने में जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करना अनिवार्य होता है। सामान्य पेंशनभोगियों के लिए इसे जमा करने की अवधि 1 से 30 नवंबर 2026 तक निर्धारित की गई है, जबकि 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से ही शुरू हो चुकी है। पेंशनभोगी बैंक शाखा, डाकघर, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) या डाक विभाग की डोरस्टेप सर्विस के माध्यम से इसे जमा कर सकते हैं। तय समय सीमा में प्रमाण पत्र न देने पर पेंशन रुक सकती है।
दूसरा बड़ा अपडेट टैक्स से जुड़ा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं के लिए ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है। हालांकि, यह बढ़ी हुई समयसीमा सामान्य वेतनभोगी करदाताओं के लिए लागू नहीं है। इसके अलावा, तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं, जिसके तहत 1 नवंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की नई दरें घोषित हो सकती हैं। इसका असर रसोई के बजट के साथ होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के खर्च पर भी पड़ेगा।
चौथा बदलाव फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों से संबंधित है। नवंबर की शुरुआत में कई बैंकों ने अपनी चुनिंदा एफडी योजनाओं पर ब्याज दरों में संशोधन किया है, जिसमें आईसीआईसीआई बैंक और इंडियन बैंक जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल हैं। निवेश करने से पहले ग्राहकों को विभिन्न बैंकों की दरों की तुलना कर लेनी चाहिए। अंततः, इन सभी वित्तीय और प्रशासनिक तारीखों पर समय रहते ध्यान देने से आम नागरिक अनावश्यक परेशानियों से बच सकते हैं और अपने वित्तीय प्रबंधन को सुचारू रख सकते हैं।