Sunday, August 16, 2026
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Real estate project : एनसीआर में बिल्डर-बैंक ‘नापाक गठजोड़’ पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI को 6 और मामले दर्ज करने की अनुमति

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CBI Raid
CBI Raid

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई को मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, मोहाली और प्रयागराज में रियल एस्टेट परियोजनाओं में घर खरीदारों को ठगने के लिए बैंकों और डेवलपर्स के बीच बने ‘अपवित्र गठजोड़’ के संबंध में छह और नियमित मामले दर्ज करने की अनुमति दे दी है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने सीबीआई को कानून के अनुसार कार्रवाई करने की हरी झंडी दी।

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CBI की प्रारंभिक जांच पूरी

सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि एजेंसी ने सुपरटेक लिमिटेड को छोड़कर एनसीआर के बाहर विभिन्न शहरों में स्थित बिल्डरों की परियोजनाओं में प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। अब सीबीआई छह नियमित मामले दर्ज कर, तलाशी और ज़ब्ती जैसी कार्रवाई करने को तैयार है।

पहले से दर्ज हैं 22 FIR

सुप्रीम कोर्ट की 22 जुलाई 2025 की पीठ ने पहले ही एनसीआर में घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी में शामिल बैंकों और डेवलपर्स के खिलाफ 22 मामले दर्ज करने की अनुमति दी थी। इन मामलों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में फ्लैट बुक कराने वाले घर खरीदार शामिल थे, जिन्होंने शिकायत की थी कि फ्लैट न मिलने के बावजूद बैंक उन्हें ईएमआई का भुगतान करने को मजबूर कर रहे हैं।

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सुपरटेक लिमिटेड मुख्य दोषी

शीर्ष अदालत ने सुपरटेक लिमिटेड को मुख्य दोषी माना और पाया कि बैंक और बिल्डर मिलकर घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे। एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट के अनुसार, सुपरटेक लिमिटेड ने 1998 से अब तक 5,157.86 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया, जबकि कॉर्पोरेशन बैंक ने बिल्डरों को सबवेंशन योजनाओं के माध्यम से 2,700 करोड़ रुपये से अधिक का अग्रिम भुगतान किया।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि सीबीआई जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखे। न्यायालय अब 1,200 से अधिक घर खरीदारों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।

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