नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, जबकि पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है। यह बजट टैक्सपेयर्स, निवेशकों, किसानों, MSME और उद्योगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
विदेश यात्रा, शिक्षा और इलाज को राहत
बजट 2026 की सबसे बड़ी राहत विदेश यात्रा पैकेज को लेकर आई है। सरकार ने टूर पैकेज पर लगने वाली TCS दर को 5% और 20% से घटाकर 2% कर दिया है। खास बात यह है कि अब इस पर कोई न्यूनतम राशि की शर्त नहीं होगी।
इसी तरह, शिक्षा और चिकित्सा के लिए LRS के तहत TCS को भी 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है, जिससे छात्रों और मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा।
दवाएं हुईं सस्ती, स्वास्थ्य को प्राथमिकता
सरकार ने 17 एंटी-कैंसर दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। इससे महंगे इलाज की लागत कम होने की उम्मीद है।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर उत्तर भारत के लिए NIMHANS 2.0 की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और 5 मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने में राज्यों की मदद की जाएगी।
किसान, AI और टेक्नोलॉजी पर जोर
किसानों के लिए एक बहुभाषी AI टूल लॉन्च किया जाएगा, जिससे खेती से जुड़ी जानकारी और सेवाएं डिजिटल रूप से उपलब्ध होंगी।डेटा और टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे देने का ऐलान किया गया है।
MSME, सेमीकंडक्टर और मैन्युफैक्चरिंग
MSME सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का विशेष कोष रखा गया है, ताकि भविष्य के चैम्पियन उद्यमी तैयार किए जा सकें।इसके साथ ही सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च किया जाएगा, जिसके तहत उद्योग आधारित रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स विकसित होंगे।बायोफार्मा ‘शक्ति’ योजना के लिए अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जो प्रमुख शहरों को जोड़ेंगे। तमिलनाडु, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और केरल में रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर का प्रस्ताव भी रखा गया है।
छह-स्टेप विकास रणनीति
सरकार ने विकास के लिए छह चरणों की रणनीति पेश की है—
मैन्युफैक्चरिंग विस्तार, पुराने उद्योगों का पुनर्जीवन, चैम्पियन MSME, तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, दीर्घकालिक सुरक्षा और शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विस्तार।
कुल मिलाकर
बजट 2026 में राहत और सुधार दोनों दिखाई देते हैं। जहां विदेश यात्रा, शिक्षा और स्वास्थ्य सस्ते हुए हैं, वहीं इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव न होना मिडिल क्लास के लिए निराशाजनक रहा।











