छत्तीसगढ़ में BPL राशन कार्ड घोटाला : रायपुर/बिलासपुर। प्रदेश में BPL राशन कार्ड के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के आंकड़ों से पता चला है कि कई ऐसे किसान जिनके पास पांच एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि है, उन्होंने भी बीपीएल कार्ड हासिल कर शासन की योजनाओं का लाभ लिया। इसके पीछे पटवारी और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ में BPL राशन कार्ड घोटाला : विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक बीपीएल कार्डधारकों के पास पांच एकड़ से कम भूमि होना अनिवार्य है। लेकिन छत्तीसगढ़ में किसी भी जिले में इस नियम का पालन नहीं हुआ। सर्वे में यह भी सामने आया कि कई जिम्मेदार अधिकारी घर बैठे लोगों के नाम सूची में शामिल कर देते हैं, जबकि वास्तविक हितग्राही अब भी बाहर हैं।
सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, बलौदाबाजार, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, रायपुर और बिलासपुर जिलों में पाया गया। कुल मिलाकर प्रदेश के आठ जिलों में लाखों राशन कार्ड फर्जी पाए गए हैं, जिससे योजनाओं का वास्तविक लाभ गरीब और पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस फर्जीवाड़े की जांच तुरंत कर संबंधित अधिकारियों और लाभार्थियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों को रोका जा सके और योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।











