बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में एनडीपीएस कार्रवाई के दौरान गंभीर लापरवाही और कथित लेन-देन का मामला सामने आया है। आरोप है कि 500 ग्राम गांजा बरामद होने के बाद एक नाबालिग को छोड़ने के बदले 80 हजार रुपये लिए गए। मामला सामने आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रधान आरक्षक और आरक्षक को निलंबित कर दिया है।
छापेमारी में 500 ग्राम गांजा बरामद
जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि रानीसागर क्षेत्र में एक व्यक्ति नशेड़ियों को गांजा सप्लाई करता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश दी, लेकिन मुख्य संदेही मौके से फरार हो गया।
घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने 500 ग्राम गांजा जब्त किया और घर में मौजूद एक नाबालिग को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
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नाबालिग को छोड़ने के बदले रिश्वत का आरोप
आरोप है कि नाबालिग को दिनभर थाने में बैठाने के बाद शाम को छोड़ दिया गया। इसके बदले प्रधान आरक्षक प्रकाश दुबे और आरक्षक सोमेश्वर साहू द्वारा 80 हजार रुपये की मांग की गई। बताया जा रहा है कि गांव के एक व्यक्ति के माध्यम से यह रकम पहुंचाई गई।
शिकायत मिलते ही SSP की सख्त कार्रवाई
मामले की शिकायत सामने आने पर एसएसपी ने एसडीओपी कोटा को जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस विभाग की साख पर सवाल
इस घटना के बाद पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
यह मामला न केवल नशे के खिलाफ अभियान बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर चर्चा का विषय बन गया है।













