रायपुर। श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (SRIMSR) की मान्यता मामले में रिश्वतखोरी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट में 53 लाख रुपए के संदिग्ध लेन-देन का उल्लेख किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि एनएमसी में यूजी-पीजी बोर्ड के गठन से पहले ही सदस्यों के फ्लाइट टिकट बनाए गए थे।
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सीबीआई ने इस मामले में रविशंकर महाराज, संजय शुक्ला, डॉ. अतिन कुंडू, मेयूर रावल समेत 10 अन्य लोगों का मोबाइल सर्विलांस किया। जांच के बाद कॉलेज को इस वर्ष “जीरो ईयर” घोषित कर दिया गया है और नए छात्रों का दाखिला रद्द कर दिया गया।
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के सदस्यों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस फर्जीवाड़े का पूरा नेटवर्क उजागर किया जाएगा और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









