रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल और उनके सहयोगियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने अपनी चार्जशीट में Big-Boss वॉट्सऐप ग्रुप का खुलासा किया है, जिसमें चैतन्य, सौम्या चौरसिया, पप्पू बंसल और दीपेंद्र शामिल थे।
चार्जशीट में कहा गया है कि पूर्व सीएम की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया IAS अफसरों को गाली देती थी और शराब सिंडिकेट के सदस्यों से पैसों की डीलिंग की। चैट में यह भी खुलासा हुआ कि चैतन्य के लिए पप्पू और सौम्या के लिए दीपेंद्र पैसे डिलीवर करते थे।
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पप्पू बंसल ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने और चैतन्य ने मिलकर 1000 करोड़ रुपए से अधिक कैश मैनेज किया, जो अनवर ढेबर और फिर कांग्रेस नेताओं तक पहुंचाई गई। ED ने आरोप लगाया कि यह रकम रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश कर ब्लैक मनी को सफेद दिखाया गया।
डिजिटल डिवाइस की जांच में पता चला कि कुछ भुगतान रिकॉर्ड में नहीं दिखाए गए, जबकि फ्लैट खरीदे गए और नकली होलोग्राम बनाने की भी चर्चा हुई।
ED की जांच के अनुसार, फरवरी 2019 में अनवर ढेबर ने जेल रोड स्थित होटल वेनिंगटन में डिस्टलरी मालिकों की बैठक कर शराब सप्लाई में कमीशन और रेट बढ़ाने का सिंडिकेट बनाया। इस नेटवर्क में पैसों का हिसाब-किताब करने के लिए कारोबार को तीन हिस्सों में बांटा गया।
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यह मामला छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले की सबसे बड़ी जांचों में से एक माना जा रहा है और ED की जांच अभी जारी है।











