नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय पूर्वोत्तर व पूर्वी भारत दौरे के दूसरे दिन शनिवार को मणिपुर पहुंचे। खराब मौसम के कारण उनका कार्यक्रम बदला गया और उन्हें सड़क मार्ग से 65 किलोमीटर का सफर तय कर इंफाल से चुराचांदपुर जाना पड़ा। यहां वे विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
प्रधानमंत्री का यह दौरा मिजोरम से शुरू हुआ, जहां उन्होंने बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन का शुभारंभ किया और तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम मिजोरम को भारत के रेलवे मानचित्र पर स्थायी स्थान दिलाएगा और राज्य के विकास की नई राह खोलेगा।
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मणिपुर में 8,500 करोड़ की परियोजनाएं
मणिपुर दौरे के दौरान प्रधानमंत्री 8,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें मण्ट्रिपुखरी स्थित सिविल सेक्रेटेरिएट, आईटी एसईजेड बिल्डिंग, नया पुलिस मुख्यालय, दिल्ली और कोलकाता में मणिपुर भवन तथा चार जिलों में महिलाओं के लिए ‘इमा मार्केट’ शामिल हैं।
भारी बारिश और खराब मौसम के बीच भी प्रधानमंत्री ने इंफाल एयरपोर्ट पर लैंडिंग की और फिर सड़क मार्ग से चुराचांदपुर रवाना हुए। सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में प्रधानमंत्री का काफिला पहुंचा।
A landmark day for Mizoram as it joins India’s railway map! Key infrastructure projects are also being initiated. Speaking at a programme in Aizawl. https://t.co/MxM6c2WZHZ
— Narendra Modi (@narendramodi) September 13, 2025
विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, “प्रधानमंत्री 46 बार विदेश गए लेकिन मणिपुर एक बार भी नहीं आए। अब जब हालात इतने बिगड़ गए तब यह दौरा हो रहा है।”
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कहा कि प्रधानमंत्री का मणिपुर जाना सकारात्मक कदम है, लेकिन इसे बहुत पहले उठाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पहल होती तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।
वहीं CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से प्रधानमंत्री से आग्रह करता रहा कि सभी दलों का प्रतिनिधिमंडल मणिपुर ले जाकर शांति स्थापित की जाए, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब प्रधानमंत्री सभी संगठनों और समुदायों को साथ लेकर विश्वास कायम करेंगे।
असम और पश्चिम बंगाल का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री का अगला पड़ाव असम होगा, जहां वे भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती समारोह में शामिल होंगे और कई बड़े विकास कार्यों का शुभारंभ करेंगे। कोलकाता में वे संयुक्त कमांडर सम्मेलन-2025 का उद्घाटन करेंगे।
तीन दिवसीय यात्रा में प्रधानमंत्री मिजोरम, मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में कुल 71,850 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।











