भोपाल: भोपाल में स्लॉटर हाउस से जुड़े गोकशी मामले की जांच के लिए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए जाने के एक हफ्ते बाद भी किसी समिति का गठन नहीं हुआ है। यह मामला नगर निगम परिषद की बैठक में हंगामे के बीच सामने आया था।
नगर निगम परिषद की बैठक में निर्देश
नगर निगम की परिषद की पिछली बैठक में, जहां स्लॉटर हाउस से जुड़े गोकशी के मामले पर चर्चा हुई थी, निगमाध्यक्ष ने जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए थे। बैठक में कई पार्षदों ने मामले की गंभीरता को लेकर चिंता जताई थी और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की थी।
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जांच समिति नहीं बनी, विवाद बढ़ा
निर्देश दिए जाने के बाद भी जांच समिति का गठन नहीं होने से पार्षद और नागरिक असंतुष्ट हैं। कई लोगों का कहना है कि समिति का देर से गठन मामले की गंभीरता को कम करता है और सुनवाई में देरी होने से दोषियों को बचने का मौका मिल सकता है।स्लॉटर हाउस में सामने आए इस गोकशी मामले ने शहर में पशु क्रूरता और नियमों की अवहेलना को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
नगर निगम और जिम्मेदारी
विशेषज्ञ और नागरिकों का कहना है कि नगर निगम को तुरंत जांच समिति गठित कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके साथ ही, स्लॉटर हाउस संचालन और पशु क्रूरता पर नियंत्रण के लिए भी कड़े कदम उठाने होंगे।
आगे की उम्मीद
नगर निगम प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि वे जांच समिति गठित करने और शीघ्र रिपोर्ट पेश करने की प्रक्रिया तेज करें। ऐसा न होने पर सिटी में राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ सकता है।











