निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पुलिस अधिकारी ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए सड़क पर घायल पड़े एक युवक की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। यह घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र की है, जहां समय पर मदद न मिलने के बावजूद एक सब-इंस्पेक्टर की तत्परता ने बड़ा हादसा टाल दिया।
ड्यूटी से लौटते वक्त दिखी इंसानियत
परवलिया सड़क देहात थाने में पदस्थ एसआई राजकुमार उइके शुक्रवार-शनिवार की रात ड्यूटी खत्म कर न्यू जेल रोड होते हुए अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान आईटी पार्क संजीव नगर ब्रिज निर्माण स्थल के पास उन्हें सड़क किनारे एक युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा दिखाई दिया।
तुरंत मदद की कोशिश, एंबुलेंस में देरी
घायल युवक के पास उसकी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी थी, जिससे स्पष्ट था कि वह सड़क हादसे का शिकार हुआ है। युवक के सिर पर गंभीर चोट थी और वह बेहोश था। एसआई उइके ने तुरंत 108 एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन समय पर सहायता नहीं पहुंच सकी।
सूझबूझ से बचाई जान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसआई उइके ने सड़क से गुजर रही अटल अस्पताल, करोंद की एंबुलेंस को रोका और बिना देर किए घायल को उसमें शिफ्ट कर अस्पताल भिजवाया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई से घायल को समय पर उपचार मिल सका।
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अस्पताल में जारी है इलाज
घायल युवक को करोंद-भानपुर रोड स्थित अटल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने से उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
सिस्टम पर उठे सवाल
इस घटना में जहां एक ओर पुलिसकर्मी की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर सूचना मिलने के बावजूद FRV के समय पर न पहुंचने पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।











