भोपाल : राजधानी भोपाल में पुलिस प्रशासन ने अनुशासन को लेकर सख्त संदेश दिया है। शाहपुरा थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर को अवैध हिरासत और गंभीर लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त संजय कुमार के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से की गई। मामले के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच भी शुरू कर दी गई है।
चोरी के संदेह में युवक को थाने लाया गया
जानकारी के अनुसार, चोरी के एक मामले में संदेह के आधार पर एक युवक को शाहपुरा थाने लाया गया था। आरोप है कि युवक को बिना विधिवत मामला दर्ज किए ही थाने में रखा गया और हिरासत से संबंधित आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। यह लापरवाही बाद में गंभीर प्रशासनिक मुद्दा बन गई।
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थाने की छत से कूदकर युवक फरार
घटना ने तब गंभीर रूप ले लिया जब हिरासत में रखा गया युवक थाने की छत से कूदकर फरार हो गया। इस घटनाक्रम के बाद उच्च अधिकारियों ने तत्काल मामले की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि हिरासत नियमों का पालन नहीं किया गया था और प्रक्रिया में कई स्तरों पर गंभीर त्रुटियां मौजूद थीं।
पुलिस आयुक्त की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश जारी किए। कमिश्नर स्तर से हुई इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही तय करने और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
विभाग में अनुशासन का सख्त संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत गया है कि हिरासत और जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे भविष्य में पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।











