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Supreme Court : ‘शहरों के फैलाव से सिमट रहे जंगल, विकास की कीमत चुका रहे वन्यजीव’

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नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि तेजी से हो रहे शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के कारण शहरों और कस्बों का फैलाव जंगलों तक पहुंच रहा है, जिससे इंसान-वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है। उन्होंने चेताया कि इसका सबसे ज्यादा असर आदिवासी और गरीब वर्गों पर पड़ रहा है।

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इंसान ही जिम्मेदार

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह टकराव जानवरों की गलती नहीं, बल्कि मानव विस्तार का परिणाम है। अन्य जजों बी.वी. नागरत्ना और एम.एम. सुंद्रेश ने भी इसी बात की पुष्टि की और इंसान केंद्रित सोच के बजाय प्रकृति केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता जताई।

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कमजोर वर्गों को सबसे बड़ा नुकसान

न्यायाधीश ने कहा कि आदिवासी और हाशिए पर रहने वाले लोग अक्सर अपने कानूनी अधिकारों और मुआवजे से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें सहायता नहीं दी गई, तो ये मानव महत्वाकांक्षाओं का शिकार बन सकते हैं।

न्याय और राहत

जस्टिस सूर्यकांत ने ‘2025 NALSA स्कीम’ का उल्लेख किया, जो पीड़ितों को तेजी से मुआवजा, कानूनी सहायता और राहत प्रदान करेगी। केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस नितिन जमदार ने इसे इस मुद्दे के समाधान में गेम चेंजर बताया।

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केरल सरकार की पहल

राज्य कानून मंत्री पी. राजीव ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष गंभीर स्तर पर है और मौजूदा कानून पर्याप्त नहीं हैं। राज्य सरकार ने इस संघर्ष को राज्य आपदा घोषित करना सहित कई कदम उठाए हैं।

सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी और केरल सरकार की पहल इस दिशा में सकारात्मक बदलाव की संभावना जताती हैं, ताकि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

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VIKASH KHALKHO
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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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