भोपाल: इस बार होली का पर्व एक खास खगोलीय घटना के साथ मनाया जा रहा है। पूर्णिमा की रात पूर्ण चंद्रग्रहण पड़ेगा, जो भारत में ग्रस्तोदय के रूप में दिखाई देगा। यानी चंद्रोदय के समय ही चंद्रमा पर ग्रहण लगा हुआ नजर आएगा।
जानें ग्रहण का समय
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आंशिक ग्रहण शुरू: दोपहर 3:20:07 बजे
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पूर्ण ग्रहण शुरू: 4:34:34 बजे
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आंशिक ग्रहण समाप्त: 6:47:15 बजे
चंद्रमा के उदय के साथ ही ग्रहण का दृश्य देखने को मिलेगा, जिससे यह खगोलीय घटना और भी खास बन जाएगी।
राजधानी में परंपरा और पर्यावरण का संगम
भोपाल में होली का आगाज उत्साह और उमंग के साथ हुआ। शहर के 2000 से अधिक स्थानों पर शुभ मुहूर्त में गोकाष्ठ (गोबर से बनी लकड़ी) से होलिका दहन किया गया।
यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परंपरा के साथ प्रकृति की रक्षा का संदेश भी दिया गया।चंद्रग्रहण के कारण इस वर्ष धुलेंडी 4 मार्च को मनाई जाएगी।
उज्जैन में ‘महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
उधर उज्जैन और डोंगला में 3 से 5 अप्रैल 2026 तक “महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम” विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।इस कार्यक्रम में देश-विदेश के वैज्ञानिक और विद्वान शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य फोकस डोंगला को विश्व मध्यान (Prime Meridian) के रूप में स्थापित करने पर रहेगा।
इस तरह मध्य प्रदेश में एक ओर जहां आस्था और परंपरा का उत्सव है, वहीं दूसरी ओर विज्ञान और खगोलशास्त्र पर वैश्विक मंथन की तैयारी भी जारी है।











