भोपाल। राजधानी में एक के बाद एक हाई प्रोफाइल मामले सामने आने से पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पहला मामला हाई प्रोफाइल MD ड्रग्स का है। यासीन, शावर समेत 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया है। आरोपियों के बीच बैंकिंग ट्रांजैक्शन भी मिले हैं। बताया गया कि यासीन, मछली कारोबारी अंशुल भूरी के जरिए दिल्ली से ड्रग्स खरीदता था। इस मामले में 5 आरोपी अब भी फरार हैं। आरोप तय करने को लेकर 26 सितंबर से बहस शुरू होगी।
Read News : Dussehra 2025 : दशहरा के दिन नीलकंठ देखना क्यों माना जाता है शुभ, जानें धार्मिक महत्त्व
दूसरी घटना में, आईजी इंटेलीजेंस डॉ. आशीष का मोबाइल लूटे जाने का मामला सुर्खियों में है। पुलिस अब तक मोबाइल बरामद नहीं कर सकी है। एक फोन मौके पर गिर गया जबकि दूसरा फोन बदमाश ले गए, जिसमें स्टेट सिक्योरिटी और नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी गोपनीय जानकारी मौजूद थी। घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ है और 5 संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
Read News : MP News : विधायक नीरज सिंह बने गजरथ महोत्सव के परम संरक्षक
तीसरे मामले ने पुलिस की नाकामियों को और उजागर किया है। पूर्व IPS अधिकारी हरिशंकर सोनी ने आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसी, PHE के रिटायर्ड अधीक्षक यंत्री ने उन्हें गाली-गलौज की और परिवार को जान से मारने व बहू-बेटियों से रेप की धमकी दी। शिकायत कमला नगर थाने में दी गई, लेकिन पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की। थाना प्रभारी का कहना है कि दोनों पक्षों से आवेदन मिले हैं और जांच के बाद कार्रवाई होगी।













