Bhopal Crime : भोपाल : भोपाल में मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी अतुल निहाले को फांसी की सजा पर हाई कोर्ट ने मुहर लगा दी है। हाई कोर्ट ने भोपाल की पॉक्सो कोर्ट द्वारा 10 मार्च 2025 को सुनाए गए फैसले को बरकरार रखते हुए इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी का मामला माना है।
Bhopal Crime : जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस राजकुमार चौबे की खंडपीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी का कृत्य निर्मम और बर्बरता से भरा है, ऐसे घिनौने अपराध में किसी भी तरह की माफी का सवाल ही नहीं उठता। कोर्ट ने आरोपी को तीन बार फांसी की सजा सुनाए जाने को भी सही ठहराया है।
Bhopal Crime : यह हृदयविदारक घटना 24 सितंबर 2025 की है। पांच साल की मासूम बच्ची अपनी दादी के साथ थी। दादी ने उसे बड़े पापा के यहां से किताब लाने भेजा था, लेकिन इसके बाद बच्ची लापता हो गई।
Bhopal Crime : पुलिस जांच में बच्ची का शव वाजपेई मल्टी स्थित अतुल निहाले के घर से एक प्लास्टिक की टंकी में बरामद किया गया था। यह मामला शाहजहानाबाद थाना क्षेत्र का है। हाई कोर्ट के इस फैसले से एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों के लिए कानून में कोई नरमी नहीं है।
Bhopal Crime : भोपाल: मासूम से दुष्कर्म के दोषी सौतेले पिता को आजीवन कारावास
Bhopal Crime : भोपाल में 12 साल की मासूम बेटी से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दोषी सौतेले पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश नीलम मिश्रा ने सुनाया।
कोर्ट ने माना कि पिता होने के बावजूद आरोपी ने नाबालिग बच्ची के साथ दो बार गंभीर यौन अपराध किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग के साथ यौन अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Bhopal Crime : पहली घटना 28 जुलाई 2024 की है, जब बच्ची की मां घर से बाहर गई हुई थी। दूसरी घटना 30 जुलाई 2024 को हुई, जब बच्ची की मां अस्पताल में भर्ती थी। दोनों घटनाएं कोलार थाना क्षेत्र की बताई गई हैं।
Bhopal Crime : मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता को पेट दर्द की शिकायत हुई। अस्पताल में जांच के बाद मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 1 सितंबर 2024 को आरोपी को गिरफ्तार किया था।
Bhopal Crime : कोर्ट में पीड़िता के स्कूल रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान पेश किए गए। घटना के समय पीड़िता की उम्र 12 साल से कम थी, जिस पर पॉक्सो एक्ट 2012 की गंभीर धाराएं लागू की गई थीं।













