Sunday, September 27, 2026
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Bastar Dussehra 2026 Starts With Paat Jatra Ritual: 75 दिनों के ऐतिहासिक बस्तर दशहरा का आगाज: पाट जात्रा पूजा के साथ शुरू हुआ विश्व का सबसे लंबा लोक-उत्सव

जगदलपुर [Nishanebaaz News]Bastar Dussehra 2026 Starts With Paat Jatra Ritual। छत्तीसगढ़ की पावन धरा बस्तर में एक बार फिर दुनिया के सबसे लंबे लोक-उत्सव की शुरुआत हो गई है। बुधवार, 12 अगस्त 2026 को हरेली अमावस्या के शुभ अवसर पर बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में पारंपरिक ‘पाट जात्रा’ पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध ‘बस्तर दशहरा 2026’ का विधिवत शुभारंभ हुआ।

यह ऐतिहासिक और अलौकिक उत्सव कुल 75 दिनों तक चलेगा, जिसमें बस्तर की अनूठी संस्कृति, समृद्ध जनजातीय परंपराओं और अटूट लोक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

‘ठुरलू खोटला’ पूजा के साथ रथ निर्माण शुरू

बस्तर दशहरा की परंपरा के अनुसार, पाट जात्रा पूजा के साथ ही ऐतिहासिक विशाल रथ के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसके लिए ‘ठुरलू खोटला’ (रथ निर्माण के लिए लाई गई पहली लकड़ी) की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।

  • पारंपरिक रीति-रिवाज: पाट जात्रा पूजा के दौरान बस्तर दशहरा समिति के सदस्य, पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और बड़ी संख्या में स्थानीय सेवादार मौजूद रहे।

  • भक्तिमय माहौल: मां दंतेश्वरी की विशेष आराधना और आरती के साथ पूरा मंदिर परिसर शंख, ढोल और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनियों से गूंज उठा।

क्यों खास है बस्तर का दशहरा?

बस्तर दशहरा केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व का सबसे लंबा चलने वाला दशहरा उत्सव (75 दिन) माना जाता है। इसमें रावण दहन की जगह मां दंतेश्वरी और स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है। पाट जात्रा पूजा संपन्न होने के साथ ही अब आने वाले दिनों में भीतर रैनी, बाहर रैनी, काछन गादी, जोगी बिठाई और मुरिया दरबार जैसी कई प्राचीन बस्तरिया रस्में एक-एक कर पूरी की जाएंगी।

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