sports competition : साल्हेवारा। कोपरो, बकरकट्टा, कुम्हरवाड़ा और देवरच्चा संकुलों के विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देने के लिए संकुल कुम्हरवाड़ा द्वारा ग्राम बसंतपुर में संकुल स्तरीय एवं उपजोन स्तरीय खेल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन शिक्षा विभाग और स्थानीय ग्रामवासियों के संयुक्त प्रयास से अत्यंत प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें चारों संकुलों के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों के सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
sports competition : इस खेल प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों में खेल भावना को बढ़ावा देना और उनकी प्रतिभा को जिला स्तर तक ले जाने के लिए प्रोत्साहित करना था। विभिन्न प्रकार की पारंपरिक और आधुनिक खेल विधाओं में विद्यार्थियों ने उत्साह और अनुशासन का परिचय दिया। कार्यक्रम का संचालन अत्यंत व्यवस्थित रहा, जिसकी सराहना उपस्थित सभी अतिथियों और शिक्षकों ने की।
आयोजन के मुख्य अतिथि श्री चिंता मंडावी (सरपंच, कुम्हरवाड़ा) रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा के साथ-साथ खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री तिलक मरकाम, दर्शन मरकाम, राजू मरकाम, देवसिंग मरकाम, और कमलेश मरकाम भी उपस्थित रहे और उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।
sports competition : इस आयोजन को सफल बनाने में चारों संकुलों के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। संकुल प्राचार्य श्री उमाशंकर गौतम (कुम्हरवाड़ा) के मार्गदर्शन में, सीएसी श्री तारण धुर्वे (कुम्हरवाड़ा), श्री तोरण साहू (बकरकट्टा), धनीराम डडसेना (कोपरो) सहित जगदीश देवांगन, हरखराम देशमुख, कुशाल धुर्वे, शीतल नेताम, संतलाल मरकाम, दशरथ मंडावी, यशवंत मंडावी, मयाराम साहू, कुमेश सैय्याम, लोमन मेरावी, बसंत नेताम, हुकुमसिंग गंधर्व, राधेलाल कोठारी, सूरज निषाद, और मोहन जंघेल तथा अन्य शिक्षकों ने दिन-रात परिश्रम किया।
sports competition : विशेष रूप से, इस विशाल आयोजन में बसंतपुर ग्रामवासियों का सहयोग एक मिसाल बनकर उभरा। मात्र 25 परिवारों की छोटी बस्ती होने के बावजूद, ग्रामवासियों ने आयोजन के लिए पूरा सहयोग दिया और अतिथियों तथा प्रतिभागियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कीं। सरवन मरकाम, रामरतन जामेवार, संतराम मरकाम, उमेंद मरकाम, विक्रम, छत्तर मेरावी, नरेश मरकाम, और शीतल धुर्वे सहित समस्त ग्रामवासियों का योगदान सराहनीय रहा। उनका यह सामूहिक प्रयास दिखाता है कि ग्रामीण अंचल में शिक्षा और खेल को लेकर कितनी जागरूकता और प्रतिबद्धता है।











