Barren Island : रायपुर/अंडमान सागर : भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरन द्वीप फिर एक्टिव हो गया है। अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के निर्जन बैरन द्वीप में 13 और 20 सितंबर को दो हल्के विस्फोट दर्ज किए गए। विस्फोट के दौरान धुआं, लावा और राख निकला, जिससे आसपास के इलाके में 4.2 तीव्रता का हल्का भूकंप भी महसूस हुआ। फिलहाल आसपास के निवासियों के लिए कोई खतरा नहीं बताया गया है।
Barren Island : भारतीय नौसेना ने दोनों विस्फोटों का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें बहते लावा की नदी दिखाई दे रही है। अधिकारियों ने कहा कि निगरानी जारी है, लेकिन पोर्ट ब्लेयर और अन्य प्रमुख द्वीपों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई।
Barren Island : वैज्ञानिकों के अनुसार, बैरन द्वीप में हुए ये विस्फोट ‘स्ट्रॉम्बोलियन’ प्रकार के थे, जो हल्के लेकिन लगातार होने वाले विस्फोट माने जाते हैं। जुलाई 2025 में भी यहाँ गतिविधियां देखी गई थीं।
इतिहास में यह ज्वालामुखी 1789 से सक्रिय रहा है। 1991 में इसका एक बड़ा विस्फोट हुआ था, जबकि 2017 और 2018 में भी सक्रियता देखी गई। बैरन द्वीप ‘सबडक्शन जोन’ में स्थित है, जहां इंडियन प्लेट बर्मा प्लेट के नीचे धंसती है, जिससे मैग्मा ऊपर आता है और विस्फोट होते हैं।
वैज्ञानिकों के लिए बैरन द्वीप बेहद महत्वपूर्ण है। यह उन्हें पृथ्वी के अंदरूनी तंत्र और टेक्टॉनिक प्लेट्स की गतिविधियों को समझने में मदद करता है। द्वीप पर कोई इंसान नहीं रहता, केवल जंगली जीव और बैरन कबूतर जैसे दुर्लभ पक्षी पाए जाते हैं।
विशेष बात यह है कि बैरन द्वीप पूरी तरह ज्वालामुखी से बना है और समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 354 मीटर है। सक्रियता के यह संकेत पृथ्वी की जीवंतता और प्रकृति की अद्भुत शक्ति का प्रतीक हैं।











